फरीदाबाद में संपत्ति के लिए एक युवक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतार दिया था।
इन सभी दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बृहस्पतिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की अदालत ने सेक्टर-9 निवासी वीरेंद्र उर्फ सोनू, भिवानी निवासी मदन सिंह, मेवात निवासी जमशेद और गुड़गांव निवासी निरंजन को सजा सुनाई।
वीरेंद्र उर्फ सोनू ने 14 अक्तूबर, 2011 को अपनी बुआ के लड़के मदन सिंह और दोस्त निरंजन व जमशेद के साथ मिलकर अपने पिता हरकुंदन सिंह की बाईपास स्थित इंडियन ऑयल रिसर्च सेंटर के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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घटना के समय हरकुंदन सिंह स्कूटर से फरीदाबाद में रहने वाली अपनी बेटी के घर जा रहे थे। पेश मामले के मुताबिक, आरोपी वीरेंद्र ने अपने पिता की संपत्ति को लेकर हत्या की थी, क्योंकि पिता उसे खर्चे के लिए रुपये और संपत्ति से कुछ नहीं देते थे।
वारदात का खुलासा मदन सिंह के किसी और मामले में पकड़े जाने पर हुआ। तब उसने पुलिस के सामने कबूला कि चारों ने मिलकर हरकुंदन सिंह की हत्या की है।
इस मामले में वीरेंद्र ने पिता की हत्या में अपने जीजा को फंसाने के लिए हत्या में प्रयुक्त कट्टा उनके घर के बाहर बने लैटर बॉक्स में रख दिया था, लेकिन उसकी चालाकी काम नहीं आई।
पुलिस ने मदन की गिरफ्तारी के बाद खुलासा होने पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, तभी से यह मामला अदालत में चल रहा था।