बिंदापुर इलाके में शनिवार घर में घुसकर एक युवती की हत्या कर दी गई। उसकी शिनाख्त हेमलता गर्ग (19) के रूप में हुई है।
सिर और मुंह पर किसी भारी वस्तु से वार करने के अलावा हेमलता के चेहरे पर धारदार हथियार से हमला किया गया है। इधर, उसे अस्पताल लेकर पहुंचे परिजनों ने सीढ़ियों से गिरकर घायल होने की बात कर डॉक्टरों को गुमराह करने का प्रयास किया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, हेमलता परिवार के साथ डब्ल्यूजेड-9, दयालसर रोड, बिंदापुर में रहती थी। इसके परिवार में मां राजबाला, बहन अनु और भाई पुनीत गर्ग हैं।
पार्किंग में खून से लथपथ मिली हेमलता
अनु इंजीनियर है ओखला में नौकरी करती है, जबकि इसके भाई का गुड़गांव में हीरों का कारोबार है। वह अभी गुजरात गया हुआ है। मां घर के नीचे ही कॉस्मैटिक शॉप चलाती है। हेमलता ग्रेजुएशन करने के बाद कंप्यूटर कोर्स कर रही थी।
पिछले तीन दिनों से पड़ोसी महेश से हेमलता कार चलाना सीख रही थी। शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे महेश जब घर पहुंचा तो उसने देखा कि खून से लथपथ हेमलता घर के अंदर बनी पार्किंग में कार व बाइक के बीच में पड़ी है।
महेश ने फौरन परिवार को इसकी सूचना दी। परिवार हेमलता को नजदीकी माता चननदेवी अस्पताल ले गए। परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि हेमलता सीढ़ियों से गिर गई है।
पुलिस को ऑनर किलिंग का शक
जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया कि हेमलता बहुत बुरी तरह से घायल थी। लेकिन परिवार ने अस्पताल पहुंचकर उसकी सीढ़ियों से गिरने की बात क्यों बताई।
इसके अलावा अगर घर में ही हेमलता की हत्या की गई तो उसके चिल्लाने की आवाज बाकी परिजनों ने क्यों नहीं सुनी।
हत्या में कहीं परिवार के ही किसी सदस्य का हाथ तो नहीं। घर के भीतर पार्किंग में कार और बाइक के बीच शव मिला और कार से एक दांत व दो कारतूस भी बरामद किए गये।