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3870 कुल्हड़ से बनाया बापू का भित्ति चित्र, उपराष्ट्रपति ने किया अनावरण

Fri, 01 Feb 2019 05:10 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने नगरपालिका परिषद् के मुख्यालय पालिका केन्द्र की दीवार पर राष्ट्रपिता के भित्ति चित्र का अनावरण किया - फोटो : अमर उजाला
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‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वर्ग मीटर के भित्ति चित्र के अनावरण अवसर पर उपस्थित होकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह भित्ति चित्र बापू के उस विश्वास को दर्शाता है, जिसमें शिल्पकारों और ग्रामाद्योग की क्षमता को खास तवज्जो दी गई।' भारत के उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् (एनडीएसमसी) के मुख्यालय पालिका केन्द्र की दीवार पर राष्ट्रपिता के भित्ति चित्र के अनावरण के मौके पर ये बातें कहीं।     

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यह भित्ति चित्र राष्ट्रपिता की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से स्थापित किया गया है। नायडू ने कहा कि यह भित्ति चित्र 3870 कुल्हड़ से बनाया गया है। इसके लिए देशभर के 150 जगहों से लाई गई मिट्टी और 150 शिल्पकारों की मेहनत का नतीजा है। यह वास्तव मे इन शिल्पकारों की तरफ से गांधी जी को समर्पित की गई सच्ची श्रद्धांजलि है। इस कलाकृति के नीचे गांधी जी का अमर वाक्य ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है’ भी लिखित है, जिससे गांधीजी के व्यक्तित्व और कृतित्व का संदेश पूरे देश में फैलेगा।    
    
उपराष्ट्रपति ने इस भित्ति चित्र को बनाने वाले शिल्पकारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इनकी मेहनत से तैयार भित्ति चित्र गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को न केवल देश बल्कि विदेश में भी प्रचारित-प्रसारित करता रहेगा। 
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नायडू ने कहा की गांधीजी दीन-हीन जनों के सबसे बड़े हितैषी होने के साथ साथ ग्राम-स्वराज के सबसे बड़े प्रतिपादक भी थे। उनका मानना था कि गांवों के विकास से ही देश के विकास का रास्ता गुजरता है। हमें महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के लिए नए भारत का निर्माण करना चाहिए। जैसे इन शिल्पकारों ने अलग-अलग जगहों की मिट्टी से भित्ति चित्र को एक विशेष रूप दिया है।       

भित्ति चित्र की संकल्पना में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की झलक
केंद्रीय सूक्ष्म, लद्यु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि गांधीजी की 150 वीं जयंती वर्ष में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की इस भित्ति चित्र की संकल्पना में भारत की सांस्कृतिक एकात्मकता, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की झलक मिलती है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग देश के 400 गांवों के ग्रामीण शिल्पकारों को बिजली से चलने वाला चाक देकर उनको ग्रामीण स्तर पर ही स्वावलंबी बनाकर उनकी आय को बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण मिशन पर काम कर रहा है। नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना, एनडीएमसी के अध्यक्ष नरेश कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  

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