पुलिस विभाग की तरह नगर निगम ने भी पेपरलेस ई-चालान प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए ई-चालान मोबाइल एप तैयार किया गया है। वहीं इसके संचालन के बारे में सभी जूनियर इंजीनियरों व पॉलीथीन, डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी और मार्केट मैनेजमैंट के लिए गठित विशेष दस्तों को प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षण में उपस्थित जूनियर इंजीनियरों व विशेष दस्तों के सदस्यों को बताया गया कि नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव के नेतृत्व, मागदर्शन और दिशा-निर्देश पर नगर निगम की कार्यप्रणाली को पेपरलेस ई-मॉड्यूल पर किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब 16 तरह की उल्लंघन के लिए ई-चालान एप की शुरूआत की गई है।
इन 16 उल्लंघनाओं में प्लास्टिक कैरीबैग का उपयोग व स्टोरेज, सार्वजनिक स्थान पर कचरा डालने, खुले में शौच करने, खुले में पेशाब करने, पेयजल का दुरुपयोग करने, अवैध रूप से बिल्डिंग मैटेरियल व मलबा डालने, कचरा जलाने, अवैध रूप से सीवरेज वेस्ट डालने, अवैध रूप से विज्ञापन प्रदर्शित करने, अवैध मीट की बिक्री, अवैध स्लॉटरिंग, सार्वजनिक स्थान पर पशुओं का गोबर डालने, निर्माण उल्लंघन, पशुओं को सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ने व डस्टबिन के बाहर कचरा फैलाना आदि उल्लंघन शामिल हैं। इनमें उल्लंघन अनुसार 50 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
ई-चालान मोबाइल एप के संचालन के बारे में सभी जूनियर इंजीनियरों और विशेष दस्तों के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया है। नगर निगम की आईटी विंग हमेशा इस बारे में आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देती रहेगी। - वाईएस गुप्ता, अतिरिक्त निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम