घर के बाहर लगा कोरोना पॉजिटिव का पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम में नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। सेक्टर-14 के आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव अग्रवाल ने सेक्टर में कोरोना जांच के लिए शिविर लगवाया था। जांच के दौरान संजीव अग्रवाल की रिपोर्ट निगेटिव आ गई, लेकिन उनके अगले व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी नगर निगम ने उनके घर के बाहर पॉजिटिव रिपोर्ट का चेतावनी पोस्टर लगा दिया। निगम की सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि चेतावनी बोर्ड में सात लोगों को पॉजिटिव लिख दिया, जबकि जांच उन्होंने अकेले करवाई थी। दूसरे व्यक्ति के घर के बाहर भी निगम ने तीन लोगों का पॉजिटिव बोर्ड लगाकर सबको हैरान कर दिया।
आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-14 के लोगों की जांच के लिए दो जुलाई को कोरोना जांच शिविर लगवाया था। इसमें सबसे पहले उन्होंने ही अपनी जांच करवाई। जांच के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन उनके बाद जांच करवाने वाला व्यक्ति कोरोना की जांच में पॉजिटिव मिला।
उन्होंने बताया कि अगले दिन जब नगर निगम की टीम ने उनके घर के बाहर सात सदस्यों को पॉजिटिव लिखकर पोस्टर चिपका दिया, तो घर के सभी सदस्य हैरान रह गए। वहीं जिस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, निगम ने उसके घर के बाहर भी तीन सदस्यों को पॉजिटिव घोषित करते हुए पोस्टर लगा दिया।
उन्होंने बताया कि शिविर में करीब 100 लोगों ने जांच करवाई थी, जिसमें एक ही व्यक्ति पॉलिटिव मिला था, लेकिन निगम ने पोस्टर लगाकर यहां दस लोगों को पॉजिटिव बता दिया।