प्रदर्शन करते हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
नगर निगम डॉक्टरों की एसोसिएशन ने बकाया वेतन के लिए सोमवार से शुरू होने वाली अपनी हड़ताल वापस ले ली है। मरीजों को असुविधा से बचाने और उत्तर एमसीडी मेयर की अपील पर एसोसिएशन यह फैसला लिया है।
एसोसिएशन ने कहा कि अगर एक सप्ताह में वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है तो उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वेतन न मिलने के विरोध में उत्तरी नगर निगम के अधीन सभी छह बड़े अस्पतालों के अलावा इनसे जुड़े पॉलीक्लीनिक और डिस्पेंसरी के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी सोमवार से हड़ताल करने वाले थे। वहीं हिंदूराव और कस्तूरबा अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने शनिवार को लगातार सातवें दिन हड़ताल जारी रखी। इस वजह से अस्पताल में चिकित्सीय सेवाएं ठप रहीं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं।
इससे पहले उत्तरी नगर निगम चिकित्सक संघ की महासचिव डॉक्टर मारुति सिन्हा ने बताया था कि वेतन नहीं मिलने के विरोध में उत्तरी नगर निगम के अधीन हिंदूराव और कस्तूरबा अस्पताल के अलावा राजनबाबू, महर्षि वाल्मीकि, गिरधरलाल और बालकराम अस्पताल के डॉक्टरों सहित सभी छह अस्पतालों से जुड़ीं डिस्पसेंरी व पॉलाक्लिनिक के स्वास्थ्यकर्मी 19 अक्तूबर से हड़ताल पर रहेंगे।
बाड़ा हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अभिमन्यु ने कहा कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने की वजह से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई डॉक्टरों के पास घर का किराया देने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।