हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को अपने चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए पैरोल प्रदान करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि अंसारी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनावों के ध्यानार्थ उसे प्रचार के लिए पैरोल प्रदान करना उचित नहीं होगा।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने चुनाव आयोग के आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि अंसारी चुनाव लड़ने का अधिकारी है लेकिन इस तर्क वह चुनाव प्रचार करने का दावा करने का अधिकारी नहीं है।
अदालत ने चुनाव आयोग व सीबीआई के उस तर्क पर सहमति जताई है कि अंसारी का लंबा आपराधिक रिकार्ड रहा है और वह संगठित अपराधों में लिप्त रहा है।