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Mukherjee Nagar Fire: कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं, अग्निशमन उपकरण खराब पड़े

Sat, 17 Jun 2023 07:37 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

घटना के दूसरे दिन भी मुखर्जी नगर के हालात में बदलाव नजर नहीं आया। पूरा इलाका बड़े-बड़े पोस्टरों से पटा पड़ा है। यहां बेतरतीब तारों के जाल झूल रहे हैं, तो कहीं खिड़कियों पर पोस्टर लदे हैं। जहां से हवा जाने की भी जगह नजर नहीं आ रही है।
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मुखर्जी नगर में कोचिंग सेंटर में आग - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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भविष्य के सुनहरे सपने लिए देश के कोने-कोने से हजारों छात्र हर साल दिल्ली पहुंचते हैं, लेकिन दिल्ली में उनका रास्ता आसान नहीं होता। आईएएस, पीसीएस, सीडीएस, एनडीए, चार्टर्ड एकाउंटेंट  समेत दूसरी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी करने कोचिंग हब में पहुंचने वाले बच्चों का भविष्य का रास्ता खतरों की सीढ़ियों से होकर गुजरता है। मुखर्जी नगर में कोचिंग संस्थान में लगी आग एक सबक है। हादसे के 24 घंटे बाद शुक्रवार को भी मुखर्जी नगर, राजेन्द्र नगर और लक्ष्मी नगर के कोचिंग हब में बेफिक्री पसरी दिखी। बहुमंजिली इमारत में चलने वाले ज्यादातर कोचिंग संस्थान का प्रवेश व निकासी मार्ग एक ही है। इनके गेट, जीने के बगल में दर्जनों बिजली मीटर लगाए गए हैं। पेश है अमर उजाला की रिपोर्ट..

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फायर एनओसी तक नहीं, अग्निशमन उपकरण खराब पड़े
घटना के दूसरे दिन भी मुखर्जी नगर के हालात में बदलाव नजर नहीं आया। पूरा इलाका बड़े-बड़े पोस्टरों से पटा पड़ा है। यहां बेतरतीब तारों के जाल झूल रहे हैं, तो कहीं खिड़कियों पर पोस्टर लदे हैं। जहां से हवा जाने की भी जगह नजर नहीं आ रही है। इमारतों में जाने वाली सीढ़ियों पर बिजली के मीटर के तार अब फैले हैं। छात्रों का कहना है कि यह घटना चेतावनी है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। दूसरी तरफ कोचिंग संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं है। अगर कहीं अग्नि शमन उपकरण लगे भी हैं, तो वह खराब पड़े हुए है। किसी पर जंग लगा हुआ है तो किसी उपकरण की तिथि भी एक्सपायर हो चुकी है। 

कोचिंग सेंटर का हब बना राजेंद्र नगर में केंद्रों के अधिकतर भवन नए हैं। इनमें सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन ज्यादातर में संसाधन अपडेट नहीं हैं। भवनों में सुरक्षा के लिए रखे गए सिलेंडर या तो पुराने हैं या उनकी समय सीमा खत्म हो गई है। ऐसे में यदि आग लगते तो प्राथमिक रूप से आग बुझाने में दिक्कत आ सकती है। राजेंद्र नगर में आईएएस की पढ़ाई करवा रहे बड़ी संख्या में सेंटर चल रहे हैं।

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लक्ष्मी नगर को सीए की कोचिंग का हब माना जाता है। यहां मेट्रो स्टेशन के एक तरफ कतार से कोचिंग संस्थान हैं। गुरुद्वारे के ठीक बगल कोचिंग संस्थान, निजी लाइब्रेरी, किराए पर चल रहे लॉज हैं, जहां देश ही नहीं विदेश से आए बच्चे भरे पड़े हैं। एक चार मंजिला पूरी बिल्डिंग में सीएमए की कोचिंग चल रही है। लेकिन इसके मुख्य गेट पर दर्जनों मीटर लगाए गए हैं। कोचिंग के पास नेपाल के दो छात्र मिले, जिनसे बातचीत करने पर पता चला कुछ महीने पहले बिजली के तारों की स्पार्किंग से एक कोचिंग में आग लगी थी। लेकिन आग पर काबू पा लिया था। बगल की दूसरी कोचिंग में, जिसके गलियारे में घुप अंधेरा छाया था। कोचिंग में जाने के इंडीकेशन एरो को देखते हुए जीने के नजदीक गए तो यहां की हालत बेहद डरावनी नजर आई। जीने पर बिजली मीटरों की भरमार थी, आते जाते बिजली के तार सर में छू रहे थे। ऊपरी मंजिल पर एक लाइब्रेरी भी चलती है। इस तरह के हालात यहां करीब सारे कोचिंग सेंटर में हैं। 

कौतूहल बनी इमारत
मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थान में अग्निकांड की घटना जिस इमारत में घटी वह छात्रों के बीच कौतूहल का विषय बनी रही। लोग इमारत का पता पुछ-पुछकर पहुंच रहे हैं। कोई दोस्तों के संग तो कई अकेले ही इमारत को देखने आ रहा है। छात्रों की जगह-जगह भीड़ जुटी हुई। छात्रों के बीच घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इमारत की फोटो व वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में प्रसारित करते दिखे।

अफवाह पर न दें ध्यान
मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड को लेकर आसपास के इलाके में अफवाहों को बाजार भी गर्म रहा। स्थानीय निवासी कोचिंग सेंटर की इमारत के अंदर बच्चों की लाशें होने की बात कहते सुने गए। इससे विद्यार्थियों में काफी खौफ था। लड़कियों में ज्यादा घबराहट देखने को मिली। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।

ट्रामा सेंटर में भर्ती एक छात्रा की हालत गंभीर
मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद रस्सी के सहारे नीचे उतरते समय घायल हुए विद्यार्थियों में से एक छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है। कश्मीरी गेट के नजदीक स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती छात्रा के सिर, हाथ, पैर में चोट लगी हुई है। शुक्रवार को भी वह डॉक्टरों की निगरानी में रही। इसके अलावा कुछ अन्य छात्र भी यहां डॉक्टरों की निगरानी में रहे जिन्हें देर रात तक छुट्टी दी जा सकती है। वहीं, लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में एक छात्र ही भर्ती हैं। उसके पैर व हाथ में चोट है। 

वहीं, एक अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी एल शेरवाल ने बताया कि शुक्रवार को कुछ बच्चे ओपीडी में आए थे। सभी की हालत पहले से बेहतर है। वहीं अन्य डॉक्टरों ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यू लाइफ सहित अन्य अस्पतालों में उपचार के लिए लाए गए लगभग सभी बच्चे ठीक हैं।

नियम को ताक पर रखकर कोचिंग सेंटरों ने लगाए होर्डिंग व बैनर-पोस्टर
कोचिंग सेंटरों ने नियमों को ताक पर रखकर होर्डिंग, बैनर-पोस्टर से बिल्डिंगों को पाट रखा है। ये एमसीडी से अनुमति लिए बगैर पोस्टर लगा देते हैं। इनके लगाए बैनर-पोस्टरों को एमसीडी बार-बार हटाती है, ये दोबारा लगा लेते हैं। 

निगम की ऐक्शन रिपोर्ट से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले 11 महीने में मुखर्जी नगर में स्थित कोचिंग संस्थानों को अवैध रूप से पोस्टर, होर्डिंग लगाने के एवज में एमसीडी ने 159 नोटिस दिए हैं, राजेन्द्र नगर में भी इसी तरह 70 नोटिस दिए हैं। लेकिन निगम के नोटिस का ये कोचिंग संस्थान जवाब भी नहीं देते। 

कोचिंग संस्थानों के मालिक कई बार मौके पर पोस्टर बैनर उतारने गए एमसीडी के कर्मचारियों से भिड़ चुके हैं। वे अपने संस्थानों से निकले प्रशासनिक अधिकारियों का नाम लेकर धौंस जमाने की कोशिश करते हैं। मुखर्जी नगर में कोचिंग संस्थान में आग लगने के बाद जब बच्चों ने बचने के लिए बिल्डिंग की बालकनी या खिड़की से बाहर निकलने की कोशिश की तो उन्हें पहले होर्डिंग को फाड़ना पड़ा।

केवल 22-22 जगहें होर्डिंग-पोस्टर के लिए अधिकृत
मुखर्जी नगर व राजेन्द्र नगर में कोचिंग संस्थानों को केवल 22-22 जगहें निगम ने होर्डिंग, बैनर-पोस्टर लगाने के लिए आधिकारिक रूप से अनुमति दे रखी है। लेकिन यहां पर 80 फीसदी होर्डिंग, बैनर अवैध तरीके से लगाए गए हैं। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हर महीने वे सभी 12 जोन में अवैध बैनर-पोस्टर हटाते हैं।
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आक्रोशित छात्रों का हंगामा, जाम
मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग संस्थान अग्निकांड के दूसरे दिन शुक्रवार को इलाके के सभी संस्थान बंद रहे। सुबह से ही घटनास्थल पर पहुंचने वाले छात्रों में रोष दिखा। इनमें इस बात को लेकर संदेह था कि दुर्घटना के बाद पुलिस व कोचिंग संचालक पूरी जानकारी नहीं दे रहे हैं। 

छात्रों ने आशंका जाहिर की कि बिल्डिंग में कुछ छात्र फंसे हो सकते हैं। डर, खौफ और गुस्से के बीच छात्रों ने हंगामा भी किया। छात्रों ने पुलिस बैरिकेड से बत्रा सिनेमा से गुजरने वाले रास्ते को भी जाम कर दिया। इसको देखते हुए मौके पर पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल भी तैनात कर दिया। सुरक्षा कर्मी छात्रों को काफी देर तक समझाने की कोशिश करते रहे। इसमें नाकाम रहने पर पुलिस पांच छात्रों के एक ग्रुप को हादसे वाली इमारत में लेकर गई। इसके बाद ही छात्र शांत हुए। वापस लौटकर छात्रों ने भी बताया कि बिल्डिंग में हालात सामान्य हैं। आग केवल मीटर में लगी थी और ऊपर की मंजिलों तक धुएं से नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद भी छात्र का सड़कों पर जमावड़ा लगा रहा। पुलिस बार-बार जाने की अपील करती नजर आई। छात्रों का कहना था कि घटना के बाद से उनमें खौफ घर कर गया है। उनको चिंता भी अपनी पढ़ाई खराब होने की है। इससे बड़ी संख्या में छात्र नाराज भी दिखे। सुबह कुछ छात्रों का गुट प्रदर्शन करने लगा। पुलिस की बैरिकेडिंग से रास्ता भी जाम किया।
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