आम आदमी पार्टी (आप) ने गुजरात मॉडल पर सवाल उठाते हुए दिल्ली भाजपा पर हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि गुजरात में कोरोना वायरस से अब तक 865 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि देश में सबसे अधिक है। गुजरात उच्च न्यायालय ने खुद कहा है कि प्रदेश के सिविल अस्पतालों की हालत काल कोठरी और तहखाने से भी बदतर है। दूसरी तरफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में गड़बड़ी के संबंध में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है।
आप सांसद संजय सिंह ने एक बयान में कहा कि दिल्ली में भाजपा नेता कोरोना की मौतों पर राजनीति कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें दिल्ली की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल का भाजपा पूरी दुनिया में ढिंढोरा पीटती है, वहीं के उच्च न्यायालय के आदेश ने पूरे देश की जनता के सामने फर्जी गुजरात मॉडल का भंडाफोड़ कर दिया है।
हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि किसी भी राज्य में कोरोना से मौत न हो, लेकिन यह सच है कि गुजरात में स्वास्थ्य सेवाएं फेल हो चुकी हैं। अदालत के आदेश का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि गुजरात के अस्पतालों में वेंटिलेटर, पीपीई किट और बेड जैसी व्यवस्थाओं की कमी है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को सही ठहराया
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश ने साबित कर दिया है कि भाजपा नेता कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से मरने वालों की संख्या पर राजनीति कर रहे हैं। जहां पूरे विश्व में यह महामारी फैली हुई है। वहां, दिल्ली सरकार की सहायता करने के बजाय दिल्ली सरकार पर कोरोना से हो रही मृत्यु के आंकड़े छुपाने का मिथ्या आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई नेता बोल रहा है कि 1,000 मौतें हो चुकी हैं, तो कोई 1,500 बता रहा है। भाजपा नेता दिल्ली की जनता को हौसला देने की बजाय भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं।