36 सौ करोड़ के वीवीआईपी चौपर डील घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में संदिग्ध कारोबारी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। निचली अदालत ने पुरी को अग्रिमज जमानत देने से इनकार कर दिया था तो वहीं दूूसरी ओर नौ अगस्त को उसका गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।
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मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष रतुल पुरी के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका का उल्लेख कर शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया था। खंडपीठ ने याचिका को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता के समक्ष भेज दिया। न्यायमूर्ति गुप्ता के समक्ष पुरी के वकील ने कहा कि पुरी की एक अन्य याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील गौड़ के समक्ष फैसला सुरक्षित है। इसके बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति गौड़ के समक्ष भेज दिया। याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख तय की गई है।
न्यायमूर्ति गौर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष दिए गए अपने बयान की प्रति दिलाने की मांग की थी। उसकी इस मांग पर कोर्ट ने नौ अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
ईडी ने पुरी की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए निचली अदालत में कहा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उसे छह अगस्त अगस्त को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। वह पूछताछ के दौरान बाथरूम जाने के बहाने गायब हो गया था। इसलिए उसकी जमानत याचिका खारिज की जाए।