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अमानत में खयानतः गूगल से खोजे मूवर्स-पैकर्स ले भागे सामान

Sat, 10 Aug 2019 04:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा राजीव कुमार, नई दिल्ली
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packers and movers
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गूगल से पैकर्स मूवर्स कंपनी को ढूंढना एक युवक को भारी पड़ गया। आर्डर मिलने के बाद कंपनी ने तत्परता दिखाते हुए अपने कोटेशन भेजे और ग्राहक की हां होने के बाद मजदूरों को भेजकर सामान भी पैक करवा लिया। सामान को अपने वेयर हाउस में रखवाकर कंपनी युवक से तयशुदा भाड़े से ज्यादा की रकम की मांग करने लगे। 
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हद तो तब हो गई जब पीड़ित कंपनी के पते पर पहुंचा तो वहां उस नाम की कोई कंपनी ही नहीं थी। ऐसे में युवक को कोटेशन में तय रकम और अपने सामान से हाथ धोना पड़ा है। कंपनी की मकड़जाल में फंसकर युवक ने अब पुलिस से मदद मांगी है। युवक की शिकायत पर बिंदापुर थाना पुलिस ने अमानत में ख्यानत का मामला दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। 

जानकारी के मुताबिक उत्तम नगर निवासी आनंद श्रीकांत दिल्ली के एक निजी कंपनी में काम करता था। कुछ दिन पहले उसका तबादला बंगलूरू हो गया। वह अपना सामान बिहार के मधेपुरा में भेजना चाहता था। इसलिए उसने गूगल पर पैकर्स व मूवर्स की कंपनियों की जानकारी हासिल की। वेबसाइट से एक कंपनी का नंबर लेने के बाद आनंद ने उससे बात की। 
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फोन पर बात करने वाले शख्स ने उसे व्हाट्सएप पर सामान का लिस्ट भेजने के लिए कहा। आनंद ने भेजने वाले सामान जिसमें फ्रिज और कूलर समेत अन्य सामान थे। जिसे देखने के बाद कंपनी ने उसका भाड़ा 12300 रुपये में तय किया। 

पीड़ित के मुताबिक सौदा तय होते ही कंपनी ने चार मजदूरों को भेज दिया, जो सामान को पैक करने के बाद उसे ट्रक पर लोड कर दिया। कंपनी की ओर से आनंद को कहा गया कि मजदूरों को 15 सौ पेमेंट कर दें। लेकिन आनंद ने उनसे कहा कि ऑनलाइन पेमेंट की बात हुई थी। कंपनी की ओर से कहा गया कि वह पंद्रह सौ का पेमेंट कर दें बाकी रकम अकाउंट में डाल दें। आनंद ने कंपनी के अकाउंट में पेमेंट कर दिया। 

उसके बाद आनंद के पास कंपनी की ओर से कोई फोन नहीं आया। बिल नहीं मिलने पर आनंद ने कंपनी के नंबर पर संपर्क किया। कंपनी की ओर से उसे 28 हजार रुपये अकाउंट में डालने के लिए कहा गया। उसके बाद ही सामान वेयर हाउस से गंतव्य तक भेजे जाने की बात कही गई। इस बात पर आनंद की कहासुनी हो गई। 

आनंद कोटेशन में दिए गए डीएलएफ पैकर्स मूवर्स व अपोलो पैकर्स मूवर्स के गुरुग्राम के पते पर गया लेकिन वहां इस नाम की कंपनी नहीं मिली। उसके बाद पीड़ित ने बिंदापुर थाने में इसकी शिकायत की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस कंपनी के नंबर व बैंक अकाउंट के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। 
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सामान भेजने से पहले रखें कुछ सावधानी 

. सामान भेजने वाली कंपनी की पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लें। 
. कंपनी के दिए पते पर जाकर उसकी मौजूदगी की जानकारी हासिल कर ले। 
. कंपनी की ओर भेजा गया ट्रक इंश्योर्ड है या नहीं, इसकी जानकारी रखें। 
. सामान का इंश्योरेंस करवाएं
. भेजने वाले सामान की पूरी जानकारी कंपनी को दें। 
. कीमती जेवरात व पैसे सामान के साथ कतई न भेजें।
. भेजे जाने वाले सामान के कीमत का सबूत रखें। 

नुकसान होने पर इन मामलों का उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं शिकायत 
. सामान क्षतिग्रस्त होने पर। 
. सामान खो जाने या चोरी हो जाने पर। 
. सामान का तय वक्त के बाद गंतव्य पर पहुंचना। 
. आपकी इजाजत के बिना आपका सामान किसी अन्य कंपनी या एजेंसी को सौंपना। 
. आपकी इजाजत के बिना सामान को किसी गोदाम में रखवा देना। 
. सामान को किसी अन्य व्यक्ति को सौंप देना। 
. सामान की रसीद देने से इंकार करना। 
. अपनी कंपनी के बारे में गलत जानकारी देना। 
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