मंगोलपुरी में शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। इलाके में एक मां ने पैसों की जरूरत के लिए अपनी तीन दिन की बच्ची को किसी महिला को बेच दिया। नवंबर 2018 की इस घटना की शिकायत दिल्ली महिला आयोग को दो दिन पहले मिली। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पुलिस में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि एफआईआर में माता-पिता का नाम शामिल नहीं करने पर आयोग दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजेगा।
दिल्ली महिला आयोग की सदस्य किरण नेगी को 3 जनवरी को एक व्यक्ति से शिकायत मिली थी, जिसमें उसने शक जताया कि मंगोलपुरी में तीन दिन की बच्ची को बेचा गया है। शिकायत मिलने के बाद आयोग की टीम बताए गए पते पर पहुंची। शिकायत करने वाले व्यक्ति ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने नवंबर में बच्ची को जन्म दिया था। उसने 1.25 लाख रुपये में बच्ची को अस्पताल में ही बेच दिया। इस शिकायत के बाद आयोग की टीम बच्ची की मां से मिली। बच्ची की मां ने इस बात को कबूला कि उसने अपनी बच्ची को एक महिला को बेचा था।
आयोग की टीम बच्ची की मां को लेकर उस महिला के पास गई, जिसको उसने बच्ची बेची थी। पता चला कि उस महिला ने किसी अन्य व्यक्ति को बच्ची को पांच लाख रुपये में बेच दिया था। महिला यह नहीं बता पाई कि उसने बच्ची को किसे बेचा। दोनों महिलाओं ने लिखित में अपना अपराध कुबूला। पुलिस उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन मां-बाप का नाम शामिल नहीं किया। वहीं इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी भी नहीं की।
बहुत शर्म की बात : मालीवाल
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि 21वीं सदी में भी बच्चियों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बच्ची के तस्करों और उसके माता-पिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।