नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में मारे गए लोगों में पिंकी देवी भी शामिल हैं, जो अपने परिवार के साथ महाकुंभ के लिए प्रयागराज की तीर्थ यात्रा पर निकली थी। पिंकी के दो बच्चे 13 साल की बेटी और एक 10 साल का बेटा है। वह परिवार के साथ दिल्ली के संगम विहार में रहतीं थी।
पिंकी के रिश्तेदार पिंटू शर्मा ने बताया कि 14 से 15 सदस्यों के उनके समूह के पास कंफर्म टिकट थे और जब भगदड़ मची तो वे प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने ने बताया कि कई लोग फंस गए, लेकिन कोई भी बचाने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशन पर कुप्रबंधन के कारण भगदड़ मची। शर्मा ने कहा कि यह रेलवे स्टेशन पर लापरवाही के कारण हुआ है। रेलवे प्राधिकारियों को ट्रेन रद्द होने या समय में बदलाव के बारे में यात्रियों को तीन से चार घंटे पहले सूचित करना चाहिए था, ताकि स्टेशन पर भारी भीड़ न हो।
पिंटू शर्मा ने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर देरी से पहुंची। प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 पर प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पर सवार होने के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मचने से 18 लोगों की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए।
रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये अनुग्रह राशि के तौर पर देने की रविवार को घोषणा की। वहीं, कहा कि गंभीर रूप से घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।