नई दिल्ली। शहर के एक निजी अस्पताल द्वारा न्यूरोसाइंसेज पर आयोजित जागरूकता सत्र में दिमाग और नसों की जटिल बीमारियों के इलाज में नई तकनीकों और टीमवर्क के महत्व पर चर्चा की गई। सत्र की अध्यक्षता करते हुए न्यूरोसर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. आदित्य गुप्ता ने डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस), साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी और मिर्गी के आधुनिक उपचारों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डीबीएस मूवमेंट डिसऑर्डर और साइबरनाइफ बिना चीर-फाड़ के सटीक इलाज में बेहद मददगार है। अस्पताल में अब तक 2,500 से अधिक साइबरनाइफ प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक हो चुकी हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट और रेडिएशन विशेषज्ञों की संयुक्त टीम और समय पर सही जांच से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। सत्र के दौरान मिर्गी के उपचार पर चर्चा करने के साथ एक बच्चे के सफल ब्रेन ट्यूमर की वीडियो भी प्रदर्शित की गई। ब्यूरो