फरीदाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के परिसर में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल बनेगा। इसकी जगह तय हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने इसका एक प्रारूप बनाकर मुख्यालय भेज दिया है।
इसे बीके अस्पताल के डीआई (डिस्ट्रिक्ट इंन्फार्मेशन) कार्यालय के साथ खाली पड़ी जगह एवं ओपीडी के पीछे बनवाने का विचार है। अस्पताल किस जगह बनाना है यह निर्णय मई के बाद लिया जाएगा।
विशेष इंतजाम न होने के कारण कई बार गर्भवती और बच्चों को इलाज मिलने में देरी हो जाती है या उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। इसलिए स्पेशल अस्पताल बनाया जा रहा है। इस पर करीब चार करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह 50 से 100 बिस्तरों का होगा। इसमें नार्मल डिलीवरी, सिजेरियन, एमटीपी (मेडिकली टर्मिनेटेड प्रेगनेंसी) समेत सभी गर्भावस्था संबंधित आपरेशन एवं इलाज होंगे। इसका स्टाफ बीके अस्पताल से अलग होगा। ओपीडी दिन भर होगी।
सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि यह अस्पताल एनआरएचएम (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) नोडल अधिकारी की देख-रेख में बनेगा। मुख्यालय से जो निर्देश प्राप्त हुए हैं उन्हें संबंधित अधिकारी को भेज दिया गया है। अस्पताल बनने से जच्चा-बच्चा दोनों को लाभ मिलेगा।