दिल्ली में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित अपने घरों में हैं। सरकार ने इन्हें होम आइसोलेशन में रखा है। दावा है कि इन मरीजों को घर बैठे स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इसके लिए सरकार ने बाकायदा एक टेली सेवा भी शुरू की है, जिसके लिए एक मेडिकल बोर्ड भी गठित किया है, लेकिन इसी बोर्ड के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल और इस पर भरोसा एक हद तक ही किया जा सकता है। फोन के जरिए डॉक्टरों के पास मरीजों के कॉल जरूर आ रहे हैं, लेकिन आधे से ज्यादा वक्त तो डॉक्टरों को मरीज की काउंसलिंग करने में लग रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में कुल संक्रमित 9333 हैं, जबकि एक्टिव यानी उपचाराधीन मरीजों की संख्या 5278 है। इन्हीं में से 38 फीसदी होम आइसोलेशन में हैं। दिल्ली में फिलहाल 5278 एक्टिव केस हैं, जिनमें 1983 संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं। केवल 3.42 फीसदी मरीज ही गंभीर हालत में मिल रहे हैं, जिन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर पर रखा गया है।
दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन का आकलन किया जाए तो 10 लाख में से 471 लोग संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि औसतन 6604 लोगों की जांच हो रही है। दिल्ली में कोरोना वायरस की संक्रमण दर फिलहाल 5 फीसदी है, जबकि रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा 42 फीसदी दर्ज की गई है।
वहीं, दिल्ली में कोरोना वायरस से मृत्युदर 1.38 फीसदी है। फिलहाल दिल्ली में आधे से ज्यादा यानी 56.55 फीसदी एक्टिव केस हैं, जिन्हें कोविड अस्पताल, निगरानी और स्वास्थ्य केंद्र के अलावा होम आइसोलेशन में रखा गया है।
13 दिन में ही मिले साढ़े चार हजार से ज्यादा मरीज
दिल्ली में पहले साढ़े चार हजार मरीज 63 दिन में सामने आए थे, जबकि अब साढ़े चार हजार से ज्यादा मरीज सिर्फ 13 दिन में मिले हैं। पहला कोरोना पॉजिटिव 2 मार्च को सामने आया था। इसके बाद से 3 मई तक दिल्ली में कुल मरीजों की संख्या 4549 थी, लेकिन शनिवार को मरीजों का आंकड़ा 9333 पहुंच गया।
15 दिन में 68 मौत
इसी तरह 1 मई तक दिल्ली में 61 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हुई थी, लेकिन पिछले 15 दिन में सरकार 68 लोगों की मौत घोषित कर चुकी है। यहां फिलहाल 129 लोगों की जान जा चुकी है।
विभाग के तर्क भी अलग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में शुरुआत से ही कोरोना वायरस की जांच सर्वाधिक हो रही है। पिछले कुछ दिनों में जांच की गति और बढ़ने पर संक्रमित मरीजों की संख्या भी सामने आ रही है। हालांकि, विभाग कंटेनमेंट जोन नए नहीं बनने पर अब भी खामोश है। इसके अलावा कोरोना से होने वाली मौतों को लेकर अभी भी अस्पतालों से पूरे आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
पांच दिन हर दिन घटी जांच
भले ही स्वास्थ्य विभाग दिल्ली में ज्यादा जांच होने का दावा कर रहा है, लेकिन बीते पांच दिनों की स्थिति पर गौर करें तो हर दिन जांच में कमी आई है। 10 मई को दिल्ली में सर्वाधिक 9584 सैंपल की जांच हुई थी। इसके बाद यह आंकड़ा साढ़े पांच हजार से भी कम हो गया। 15 मई को एक दिन में 5453 सैंपल की जांच हुई।