नोएडा में सात तारीख को लूटपाट, छीनाझपटी जैसी वारदातों का खतरा बढ़ जाता है। हजारों औद्योगिक इकाइयों वाले इस शहर में सात तारीख को ज्यादातर कंपनियों में वेतन का भुगतान होता है और इस बात से लुटेरे और चोर अंजान नहीं हैं। हां, पुलिस जरूर इस तथ्य को नजरंदाज करती है, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।
बृहस्पतिवार को सेक्टर-6 में हुई साढ़े चौदह लाख की लूट भी इसी खामी का नतीजा है। इस लूट में बदमाशों को एक भी गोली नहीं चलानी पड़ी और बिना किसी विरोध के वो रुपये लूट कर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दिल्ली से जैसे ही पैसा निकाला गया, उसी वक्त से ही बदमाशों ने पीछा करना शुरू कर दिया होगा और जैसे ही मौका लगा वारदात को अंजाम दे दिया गया।
दो माह पहले भी इसी रोड पर सात तारीख को ही लूट हुई थी। पुलिस ने बताया कि कार में बैठे लोगों की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी ताकि सुराग लग सके। वारदात के दौरान बाइक के नंबर लोग नहीं देख पाए, क्योंकि बाइक तेज रफ्तार थीं और नंबर प्लेट पर नंबर भी टेढ़े-मेढ़े थे।
लोगों को मानना है कि अगर पुलिस की गश्त तेज होती तो शायद अपराधी डरते। बैंकों और सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाई जाने की भी बात लोग कहते हैं। उधर, पुलिस का कहना है कि जब भी कोई बैंक से मोटी रकम निकाले तो पुलिस से मदद ली जा सकती है। लेकिन, इस तरह की सूचना नहीं दी जाती है।