छह महीने में 50 हजार घरों में मिला मच्छर प्रजनन, 200 से ज्यादा डेंगू केस
विनोद डबास
नई दिल्ली। राजधानी में मानसून से पहले ही मच्छरों के हमले से लोग बीमार हो रहे हैं। इस बार गर्मी के मौसम में भी लोग डेंगू और मलेरिया जैसे जानलेवा रोगों की चपेट में रहे हैं। डेंगू के मामलों ने 200 का आंकड़ा पार कर लिया है। कुछ समय से प्रति सप्ताह डेंगू के 10 से अधिक मामले आ रहे हैं। लिहाजा मानसून से पहले ही मच्छरों का हमला आने वाले महीनों के लिए खतरे की घंटी है।
राजधानी में जनवरी से जून तक करीब 50,000 घरों में मच्छर जनित प्रजनन स्थल पाए गए। इससे भी ज्यादा चौकाने वाली बात यह है कि डेंगू के 208 मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। यह पिछले पांच वर्षों में इस अवधि में दूसरे नंबर पर है। वहीं मलेरिया के भी 77 केस दर्ज किए गए हैं, जो गत पांच वर्षों में सबसे अधिक है। डेंगू के सबसे ज्यादा मामले एमसीडी के मध्य, सिविल लाइंस और पश्चिमी जोन से आए हैं। इन जोन में 20-20 से अधिक मामले सामने आ चुके है। मलेरिया ने इस बार पश्चिम और नजफगढ़ जोन को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।
एमसीडी की बैठक में मंथन और चेतावनी
तेजी से बिगड़ती हालात को देखते हुए एमसीडी ने हाल ही में सभी प्रमुख विभागों के साथ अंतर-विभागीय समन्वय बैठक की। इसमें दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, एनडीएमसी, दिल्ली पुलिस, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, रेलवे, पुरातत्व विभाग, कारागार प्रशासन और अग्निशमन सेवा समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी विभागों को तत्काल ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हर विभाग को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित फॉगिंग, जलजमाव की सफाई, लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर निगरानी के आदेश दिए गए हैं।
स्कूली बच्चों की ली जाएगी मदद
दिल्ली सरकार, एमसीडी एवं नई दिल्ली नगर पालिका परिषद मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्कूली बच्चों की मदद लेगी। छात्रों के माध्यम से पीटीएम का आयोजन कर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। वहीं छात्रों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने एवं अपने घर एवं आस पास मच्छरों का प्रजनन रोकने के आदेश देगी। वहीं एमसीडी डीबीसी कर्मचारियों के माध्यम से डोर टू डोर जागरूकता मुहिम चलाएगी।