दिल्ली में भले ही कोरोना वायरस की संक्रमण दर निचले पायदान तक पहुंच चुकी हो लेकिन पिछले 10 दिन में यहां सबसे ज्यादा मौतें रिकॉर्ड की जा चुकी हैं। स्थिति यह है कि दिल्ली में पिछले 10 दिन के भीतर ही कोरोना वायरस की मृत्युदर तीन फीसदी पार हो चुकी है। अन्य राज्यों की तुलना में यह आंकड़ा पंजाब के बाद सबसे ज्यादा है। पंजाब में पिछले 10 दिन में चार फीसदी मरीजों की मौत हुई है।
बुधवार को दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में एक फीसदी से भी कम सैंपल कोरोना संक्रमित मिले हैं। बीते मंगलवार को राजधानी में 84680 सैंपल की जांच की गई जिनमें से 0.80 फीसदी यानि 677 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि इस बीच 940 मरीजों को डिस्चॉर्ज भी किया गया है। इस बीच 21 लोगों की मौत हुई है। पिछले 10 दिन में दिल्ली में 3.16 फीसदी लोगों की मौत हुई है।
इसी के साथ ही राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 6,24,795 हो चुकी है जिनमें से अब तक 6,08,434 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। वहीं 10,523 मरीजों की मौत हो चुकी है। राजधानी में शुरू से लेकर अब तक की स्थिति पर गौर करें तो 1.68 फीसदी मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। फिलहाल दिल्ली में कोरोना वायरस के सक्रिय मरीजों की संख्या 5838 हो चुकी है जिनमें से 2788 मरीज घरों में होम आइसोलेशन पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में अब तक 85.78 लाख से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है। वहीं कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटकर 4276 दर्ज की जा चुकी है। पिछले एक दिन में 284 सक्रिय मरीजों में कमी आई है। जबकि कंटेनमेंट जोन की बात करें तो सोमवार से मंगलवार के बीच 174 इलाकों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त घोषित किया गया है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी में कोरोना संक्रमण और अन्य बीमारियों को लेकर मरीजों को लगातार चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर दिन दिल्ली में कैट्स एंबुलेंस की सेवा एक हजार से भी ज्यादा मरीजों को मिल रही है। पिछले एक दिन में 1293 कॉल दर्ज की गई हैं जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक ले जाया गया। इसके अलावा कोरोना वायरस से जुड़ी समस्याओं को लेकर दिल्ली सरकार के कंट्रोल रुम में बीते मंगलवार 209 लोगों ने फोन कर मदद मांगी है।