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दिल्ली में डेंगू के एक लाख से ज्यादा मरीज, प्रजा फाउंडेशन ने सर्वे कर किया दावा

Thu, 01 Nov 2018 05:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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dengue - फोटो : फाइल फोटो
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प्रजा फाउंडेशन ने दावा किया है कि दिल्ली में डेंगू के मरीजों की संख्या कई गुना ज्यादा है। जबकि दिल्ली नगर निगम आंकड़ों में खेल कर इसे कम दिखा रही है। फाउंडेशन के मुताबिक, नगर निगम में आरटीआई में मांगे जवाब में डेंगू से प्रभावित मरीजों संख्या केवल 4205 बताई है। जबकि फाउंडेशन के सर्वे में यह संख्या 1,26,334 पाई गई। इसी तरह से मलेरिया के मरीजों की संख्या आरटीआई ने 7,153 बताई, जबकि सर्वे में यह 1,06,456 पाई गई। फाउंडेशन का कहना है कि स्वास्थ्य के लिहाज से रोहिणी सबसे कमजोर इलाका है।   

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बुधवार को प्रजा फाउंडेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में 28,624 परिवारों पर किए सर्वे से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में गंदे पानी से होने वाली डायरिया दिल्ली की सबसे बड़ी बीमारी बन कर उभरी है। वर्ष 2017-18 में इससे राजधानी में करीब 5,01,484 लोग बीमार पड़े। हालांकि वर्ष 2014-15 से इस वर्ष इस बीमारी के शिकार लोगों की संख्या में करीब 80 हजार की कमी भी दर्ज की गई है। इसके बाद हाइपटेंशन से 3,67,833 और मधुमेह से 3,62,471 लोग बीमार पड़े।     

इस वर्ष स्वास्थ्य पर 17 विधायकों ने एक भी सवाल नहीं पूछे
फाउंडेशन के मुताबिक रोहिणी में डेंगू, मधुमेह, हाइपरटेंशन, टीबी और थायरॉएड अन्य इलाकों से ज्यादा हैं। इसकी एक वजह क्षेत्र के प्रतिनिधियों की स्वास्थ्य को लेकर नजरअंदाजी है। पिछले तीन साल में विधायकों ने स्वास्थ्य को लेकर विधानसभा में एक भी सवाल नहीं पूछे। ऐसे विधायकों की कुल संख्या सात है। जबकि इस वर्ष स्वास्थ्य पर एक भी सवाल नहीं पूछने वाले विधायकों की संख्या 17 है। संस्था का कहना है कि दिल्ली के बिगड़ते स्वास्थ्य की एक वजह यह भी है कि नगर निगम के अस्पतालों और दवाखानों में 30 प्रतिशत चिकित्सा कर्मियों की कमी है। वहीं दिल्ली सरकार के अस्पतालों शैक्षणिक पदों में 67 प्रतिशत तक की कमी है।  

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