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बैंक और एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर सौ से अधिक को ठगा, दो गिरफ्तार

Sun, 13 Oct 2019 02:57 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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arrest - फोटो : अमर उजाला
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पश्चिम जिले की साइबर सेल ने बैंक और एयरपोर्ट पर नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग के दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सागर मेहता और दीपांशु सहगल के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी करीब छह माह के दौरान सैकड़ों बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, 13 मोबाइल, छह डेबिट कार्ड, सात रजिस्टर, एक कंप्यूटर, बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद की है।
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पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त दीपक पुरोहित ने बताया कि पिछले दिनों विकासपुरी थाने में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी अभिषेक नंदन ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे कॉल कर एचडीएफसी बैंक में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। उससे लॉगिन चार्ज, सिक्योरिटी चार्ज और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 40 हजार रुपये ऑनलाइन एक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। 

आरोपियों ने उसे ऑफर लेटर और इंटरव्यू लेटर भेजा, लेकिन बाद में उसके फर्जी होने का पता चला। इसके बाद आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए। पुलिस ने छानबीन शुरू की। एसीपी उमाशंकर, इंस्पेक्टर अरुण कुमार चौहान व अन्य की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस से मामले की पड़ताल शुरू की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गोरखधंधा विकासपुरी की डीडीए मार्केट में तीसरी मंजिल पर चल रहा है। शुक्रवार को वहां पर छापा मारा, तो आरोपी सागर मेहता और दीपांशु सहगल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ। बरामद डाटा से पता चला कि इन्होंने सैकड़ों युवाओं से लाखों रुपये ठगे हैं।
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जानकार लोगों से लेते थे बेरोजगारों का डाटा

पुलिस की पूछताछ में आरोपी सागर व दीपांशु ने बताया कि दोनों अपने जानकार लोगों से बेरोजगार युवकों का डाटा लेते थे। इसके बाद उन युवकों को एयरपोर्ट और बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा दिया जाता था। नौकरी लगने पर अच्छी सैलरी दिलवाने की बात की जाती थी। बेरोजगार युवक जल्द ही इनके झांसे में आ जाते थे। 

आरोपी पीड़ितों से डॉक्यूमेंट्स लेकर उनको फर्जी ऑफर लेटर और इंटरव्यू लेटर देते थे। बाद में लॉगिन चार्ज, सिक्योरिटी और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। ऑनलाइन अपने खातों में रुपये ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपी अपने मोबाइल नंबर बदल लेते थे।
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