बस यात्रियों की कोरोना जांच में पॉजीटिव मामलों में कमी आई है। अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होने के बाद से अब तक रोजाना औसतन 2000 से अधिक यात्रियों की जांच की जा रही है। दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों का अब ब्यौरा भी लिया जा रहा है ताकि दिल्ली पहुंचने पर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पड़ने पर आसानी से पहुंचा जा सके। सोमवार को तीनों बस अड्डों पर यात्रियों की जांच की गई, जिनमें पॉजीटिव मामले पांच से भी कम हैं।
संक्रमण से बचाव के लिए जांच सुविधा से अधिक जरूरी थर्मल स्क्रीनिंग है। बावजूद इसके कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर ही सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। आनंद विहार और सराय काले खां पर भी कोविड जांच की सुविधा है, लेकिन कई यात्री ऐसे भी हैं जो लक्षण होने पर भी सफर के लिए जा रहे हैं। ऐसे यात्रियों से बस में सफर करने वाले अन्य यात्रियों पर भी खतरा बढ़ जाता है। यात्रियों का ब्यौरा भी इसलिए लिया जा रहा है ताकि अगर किसी बस यात्री के पॉजीटिव होने की पुष्टि होती है तो साथ सफर करने वाले अन्य यात्रियों को एहतियात बरतने के निर्देश के साथ साथ उनकी जांच भी करवाई जा सके।
अंदर तो नियमों का पालन, चंद कदम की दूरी पर हो रही है अनदेखी
मास्क न पहनने पर जुर्माना की राशि में बढ़ोतरी के बाद भी अनदेखी का सिलसिला नहीं रुक रहा है। कारोना संक्रमण के कारण गंभीर होती स्थिति को देखकर भी बस स्टॉप और आईएसबीटी के इर्द गिर्द नियमों की अनदेखी का सिलसिला नहीं थम रहा है। यात्रियों पर निगरानी रखने के लिए अंदर तो सुरक्षा कर्मी सख्ती कर रहे हैं, लेकिन एंट्री गेट के बाहर मौजूद यात्री नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, उनपर नजर नहीं रखी जा रही है।
बस अड्डा में प्रवेश करने से पहले यात्रियों को एक नियत दूरी पर खड़े रहने की हिदायत दी जा रही थी। मास्क न पहनने वालों को रोका जा रहा था, लेकिन यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो रही थी। संक्रमण का खतरा न रहे इसलिए बस अड्डा के अंदर तो भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। लेकिन एंट्री गेट से महज कुछ मीटर की दूरी पर खड़ी बसों में नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही थी। इसलिए बसों के बाहर उतरते ही कई यात्रियों ने मास्क हटा लिए तो कम लगेज रखने के निर्देशों की भी अनदेखी हो रही थी। यात्रियों के सामान बसों के उपर लादे जा रहे थे जबकि कई यात्री तो सामान के साथ बस में सवार होते दिखे।
बस स्टॉप पर भी नहीं हो रही है थर्मल स्क्रीनिंग
सराय काले बस अड्डा के बाहर भी बस स्टॉप और सड़क पर कई लोगों ने मास्क ठीक से नहीं लगाए हुए थे, तो कुछ लोगों ने इसे पूरी तरह हटा लिया था। हालांकि आसपास सुरक्षा कर्मी घूमते हुए तो दिखे, लेकिन किसी भी यात्री पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं था। बसों में प्रवेश या उतरने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं की जा रही है, इसलिए संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। बस स्टॉप पर अब थर्मल स्क्रीनिंग भी नहीं हो रही है।
एक पॉजीटिव, संक्रमण का खतरा बरकरार
आईएसबीटी के अंदर यात्रियों की कोरोना जांच में भी सोमवार को एक पॉजीटिव आया। यात्रियों में अगर लक्षण हैं भी तो थर्मल स्क्रीनिंग न होने की वजह से इसका पता नहीं चलता है। ऐसे में जांच करवाने के लिए अधिकतर लोग वो हैं, जिन्हें फ्री में टेस्ट करवाना है।