जहां एक ओर भाजपा ने आगामी दिल्ली चुनाव के लिए उम्मीदवारों की कोई लिस्ट अब तक जारी नहीं की है, वहीं सबसे देर में उम्मीदवारों की सूची जारी करने वाली कांग्रेस अपनी दूसरी सूची जारी करने वाली है।
पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस अपनी दूसरी सूची की घोषणा 11 जनवरी को करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार दूसरी सूची में युवा उम्मीदवारों पर कांग्रेस का पूरा फोकस होगा।
इन खबरों के बीच एक दिलचस्प बात जो सामने आ रही है वो ये है कि कांग्रेस के अधिकतर पार्टी नेताओं का ध्यान नई दिल्ली विधानसभा सीट पर है। यह वही सीट है जहां से केजरीवाल ने 2013 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था।
शीला दीक्षित के बाद किसे मिलेगी ये सीट
पार्टी इस वक्त नई दिल्ली विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार तय करने में जुटी है और उसे इस सीट के लिए करीब 20 से भी ज्यादा उम्मीदवारों के आवेदन आए हैं।
इसका मतलब यह है कि पार्टी में बहुतायात में ऐसे नेता हैं जो नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्टी की पूरी कोशिश है कि वह इस बार केजरीवाल के खिलाफ अपना सबसे बेहतर उम्मीदवार उतारे। एक सीनियर कांग्रेसी नेता का कहना है कि इस सीट के लिए पार्टी की पहली पसंद तो शीला जी ही थीं।
चूंकि उन्होंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है तो अब पार्टी ऐसे सशक्त उम्मीदवार की तलाश में है, जो बीजेपी और आप के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दे सके।
नेताओं के साथ अफसर भी लड़ना चाहते हैं यहां से चुनाव
इस सीट पर जिन नामों पर की चर्चा तेज है उनमें सबसे पहले हैं, पूर्व मेयर और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता फरहाद सूरी। इनके अलावा रमेश सभरवाल, सोनिया गांधी के पूर्व सचिव वी. जॉर्ज, अशोक रंधावा, वाल्मिकी नेता आरएन चंदेलिया और पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम का नाम भी इस दौड़ में शामिल है।
इन नेताओं के अलावा कुछ अफसरशाह भी हैं जो इस सीट के दावेदारों में शामिल हैं। इसके साथ ही पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री किरन वालिया से भी इस सीट के लिए अप्रोच किया गया था पर उन्होंने इसके लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।