राजधानी के कोविड अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी में इस वक्त हर दिन 100 मरीज भर्ती हो रहे हैं। दूसरे बड़े अस्पताल राजीव गांधी में 25 और जीटीबी में 20 मरीज रोजाना भर्ती हो रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन वहां यह संख्या काफी कम है। हैरानी की बात यह कि इस बार बड़ी संख्या में मरीजों की हालत गंभीर है।
राजधानी के कोविड अस्पतालों में बीते 10 दिन मेें 1600 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं। रोगियों की बढ़ती संख्या को सरकार बेड की संख्या भी लगातार बढ़ा रही है। एक महीने में करीब 1700 बेड बढ़ाए जा चुके हैं। निजी अस्पतालों में भी 500 अतिरिक्त आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अस्पतालों में इस समय 15621 बेड हैं, जबकि 7040 मरीज भर्ती हैं। 8581 बेड अभी खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के तीन बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। दिल्ली के सभी अस्पतालों मेें रोजाना औसतन 15 नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें करीब 30 फीसदी दिल्ली से बाहर के हैं।
एलएनजेपी के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि जुलाई के आखिरी सप्ताह तक अस्पताल में महज 50 से 60 मरीज भर्ती होते थे, लेकिन अब रोजाना 100 नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। फिलहाल 775 रोगियों का इलाज चल रहा है। उम्मीद है कि आने वाले 10 से 15 दिनों में दैनिक मामलों में कमी आने लगेगी।
राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बीएल शेरवाल ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या घटकर 50 तक रह गई थी, लेकिन अब फिर इजाफा हो रहा है। रोजाना 25 नए मरीज भर्ती हो रहे हैं। इस समय अस्पताल में 230 रोगी भर्ती हैं। जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. आरएस रौतेला ने कहा कि मरीजों की संख्या में पहले के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। कोविड मरीजों के लिए अस्पताल में 1500 बेड की व्यवस्था है। इसमें से आधे से ज्यादा अभी खाली हैं।
निजी अस्पतालों में भी बढ़ रही संख्या
निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाले गंभीर मरीज इन्हीं अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। एक महीने में ही 30 फीसदी से अधिक रोगी बढ़ गए हैं। पिछले सप्ताह तक कई निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड भी भर गए थे, जिसके बाद सरकार ने इन अस्पतालों मेें 80 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का आदेश जारी किया था।
एक हजार से अधिक आईसीयू बेड खाली
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों में अभी भी 1000 से अधिक आईसीयू बेड खाली हैं। आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों के 47.9 फीसदी वेंटिलेटर अब तक भर चुके हैं। इनमें अधिकतर मरीज दिल्ली से बाहर के हैं।
तीन बड़े कोविड अस्पतालों की स्थिति
अस्पताल मरीज कुल बेड
एलएनजेपी 740 2000
राजीव गांधी 220 500
जीटीबी 550 1500
निजी अस्पतालों में मरीज
अस्पताल मरीज
बीएलके 130
अपोलो 175
मैक्स साकेत 170
सर गंगाराम 130