मुसीबतों का आम आदमी से खासा नाता है और जब से अरविंद केजरीवाल को 'आम आदमी' का टैग मिला है, तब से उनपर भी मुसीबतें आती रहती हैं। मई तो खासकर केजरीवाल के लिए हर रोज नई मुसीबत खड़ी कर रही है। जब से मई का महीना शुरू हुआ है तब से केजरीवाल की भी परेशानियां शुरू हो गई हैं।
'विश्वास डगमगाने' से हुई शुरुआत
मई महीने में केजरीवाल के लिए पहली मुसीबत बनकर आए उनके संकटमोचन कुमार विश्वास। हालांकि विश्वास ने बगावत के संकेत अप्रैल में जारी अपनी एक वीडियो में ही दे दिए थे। लेकिन मई में अमानतुल्लाह को लेकर विश्वास खुलकर सामने आ गए। इसके बाद मामला गर्मा गया और सबसे पहले कुमार का विश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें राजस्थान का प्रभारी बनाया गया।
वहीं, दूसरे ही दिन अमानतुल्लाह को भी पार्टी में पहले से बड़ा कार्यभार सौंपा गया।
विश्वास के बाद कपिल मिश्रा
कुमार विश्वास का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा मुसीबत बनकर केजरीवाल के सामने आ गए। मंंत्री पद से हटाने के अगले दिन ही कपिल मिश्रा सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खुलकर सामने आ गए। कपिल ने केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। फिलहाल, कपिल ACB को तीन शिकायतें दे चुके हैं और पार्टी के खिलाफ धरने पर भी बैठे हैं।