दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर की मानसूनी बारिश में अब बहुत सुधार के आसार नहीं हैं। रविवार सुबह तक देश में सामान्य से 18 फीसदी कम हुई है। दिल्ली-हरियाणा और चंडीगढ़ कम बारिश के मामले में पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर हैं।
पूरे सब डिविजन में सामान्य से 56 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि रविवार दोपहर बाद हुई बारिश से मामूली सुधार हुआ है, लेकिन भविष्य में बहुत बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं।
दिल्ली में अब तक 187 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 49 फीसदी कम है। हालांकि रविवार दोपहर बाद हुई 77 मिमी बारिश से सुधार हुआ है, लेकिन आगामी एक सप्ताह झमाझम बारिश से मौसम विभाग ने इनकार किया है।
देशभर के 48 फीसदी हिस्से में सामान्य से कम है बारिश
जहां तक मानसून सीजन की बात है 25-30 सितंबर के बीच जब मानसून वापस लौटता है तब तक 628 मिमी सामान्य बारिश होती है।
दिल्ली में मानसून की दस्तक जुलाई में होती है। इस महीने सिर्फ 9 दिन बारिश वाले रहे। इसमें सामान्यत: 211 मिमी की जगह 103 मिमी बारिश दर्ज हुई। अगस्त का शुरुआती 10 दिन भी कुछ ऐसा ही रहा और 38 मिमी बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि झारखंड में कम दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है। अगर वह उत्तर की तरफ बढ़ता है तो यूपी में कुछ दिन अच्छी बारिश हो सकती है लेकिन दिल्ली-हरियाणा या पंजाब की तरफ बहुत अच्छी बारिश के चांस नहीं हैं।
ये हैं अब तक के हालात
देशभर में 544 मिमी की बजाय सामान्य से 18 फीसदी कम 447 मिमी बारिश हुई है।
देशभर के 48 फीसदी हिस्से में सामान्य से कम हुई है अभी तक बारिश।
उत्तर पश्चिम भारत की स्थिति बारिश के मामले में सबसे खराब। सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश हुई।
मध्य भारत में सबसे अच्छी बारिश हुई है। यहां सामान्य से सिर्फ 7 फीसदी कम बारिश हुई।
दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ में सामान्य से 56 फीसदी कम सिर्फ 120 मिमी बारिश हुई।
पश्चिम यूपी में 47 फीसदी कम 230 मिमी बारिश।
पंजाब में 58 फीसदी कम 125 मिमी हुई है बारिश।
जम्मू-कश्मीर में 48 फीसदी कम 172 मिमी बारिश।