सेक्टर-5 में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। रविवार को एक महिला पर बंदर ने हमला बोल दिया। महिला के हाथ में काट लिया और सिर पर पंजों से घाव कर दिया। महिला को अस्पताल ले जाना पड़ा।
इससे स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कहीं भी शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती। झुंड में बंदर कॉलोनियों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के डर से लोग छत या बालकनी में भी अकेले नहीं जा पा रहे हैं।
वैशाली सेक्टर-5 निवासी रीना शर्मा(47) रविवार को बालकनी में वाशिंग मशीन में कपड़े धो रहीं थीं। इसी बीच एक बंदर उनके कंधे पर आकर बैठ गया।
शोर मचाने पर बंदर ने उनके सिर पर वार करने के साथ ही हाथ पर भी काट लिया। रीना को बचाने परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें भी बंदर ने पंजा मार दिया।
उनके बेटे ने किसी तरह से बंदर को भगाया। हमले में रीना के सिर पर करीब तीन इंच लंबा जख्म हो गया। परिजनों ने रीना को अस्पताल में भर्ती कराया है।
रीना के पति हिमांशु शर्मा ने बताया कि 15 दिन से बंदरों के आतंक से कॉलोनीवासी परेशान हैं। नगर निगम में शिकायत करने पर भी इन्हें नहीं पकड़ा गया है। नगर निगम के जोनल प्रभारी डीके सिंहा का कहना है कि बंदरों को पकड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
बंदरों के डर से घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
बंदर झुंड में चलते हैं और अकेले देखकर लोगों पर टूट पड़ते हैं। कपड़े फाड़ने के साथ ही सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। बंदरों के डर से लोग घरों से ग्रुप में निकलते हैं।- निहारिका शर्मा, निवासी वैशाली सेक्टर-5
पार्क और छतों पर बंदरों ने कब्जा जमा लिया है, खेलने भी नहीं जा सकते। घर में ही सारा दिन रहना पड़ता है। - चैतन्य, निवासी वैशाली सेक्टर-5