सुबह घना कोहरा छाए रहने के कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। हालांकि, राहत की बात है कि 10.30 बजे के बाद धूप खिली जिससे दिन का तापमान बढ़ा। दिनभर हल्की ठंडी हवाएं चलती रहीं जिससे दिन में भी ठंडक महसूस हुई। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के कारण सुबह का पारा गिरने का अनुमान है।
लोदी रोड रहा सबसे ठंडा इलाका
दिल्ली का लोदी रोड इलाके में सुबह सबसे ठंडी रही। यहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 3.1 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। सुबह घना से बहुत घना कोहरा होने की संभावना है। एक या दो स्थानों पर शीत लहर की स्थिति रहेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने पर मजबूर हुए छात्र
राजधानी में कंपकंपाती ठंड ने बच्चों के लिए स्कूल जाना बेहद मुश्किल कर दिया है। सोमवार से स्कूल खुलने के बाद छात्र ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। हालांकिपहले दिन कक्षा में छात्रों की संख्या कम रही। स्कूलों संचालकों का अनुमान है कि मंगलवार से यह संख्या बढ़ सकती है।
ठंड को देखते हुए अभिभावकों को छात्रों की स्वास्थ्य की चिंता सता रही हैं। उनका कहना है कि सर्दियों की छुट्टियां बढ़ानी चाहिए और स्कूल को ऑनलाइन कक्षा के जरिए ही छोटे बच्चों की पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल से घर की दूरी बेहद ज्यादा है। भले ही स्कूल देरी से खुलने लगा है। लेकिन उन्हें बच्चे को सात बजे उठाकर सुबह-सुबह तैयार करना होता हैं और स्कूल खुलने से तकरीबन एक घंटे पहले निकलना होता है। सुबह इतनी सर्दी और कोहरा होता है कि बच्चे की तबीयत की चिंता सताती हैं। वे चाहते हैं कि कुछ दिन पहले कि तरह ऑनलाइन ही बच्चों को पढ़ाया जाए।
जाम में फंसकर देरी से स्कूल पहुंचे बच्चे
स्कूल नौ बजे शुरु होने के कारण सड़कों पर काफी देर तक लंबा जाम देखने को मिला। इस वजह से छात्र भी स्कूल देरी से पहुंचे। ज्यादातर छात्र स्कूल के निर्धारित समय के 10-15 मिनट बाद ही पहुंचे थे। अभिभावक प्रकाश शर्मा ने कहा कि सोमवार के दिन ज्यादातर जाम ही होता है। ऐसे में छात्रों के स्कूल खुलने के बाद लंबा जाम मिलने की पूरी उम्मीद थी। वहीं, स्कूल का समय और दफ्तर का समय एक हो गया है तो सड़कों पर स्कूल की बसें भी अधिक थी। वहीं, मयूर विहार फेज-दो के एक स्कूल में अपनी बेटी को छोड़ने आई सुनीता ने बताया कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ बच्ची को स्कूल भेजा है, ताकि उसे सर्दी न लगे।