मेट्रो निर्माण की वजह से मोहननगर चौराहे की आफत अब राजनगर एक्सटेंशन पर आएगी। दरअसल, अब मोहननगर चौराहे से बसें और हैवी व्हीकल नहीं गुजरेंगे।
हरिद्वार-देहरादून रूट की बसें दिल्ली दिलशाद गार्डन से घूमकर करन गेट, अर्थला होते हुए राजनगर एक्सटेंशन से एनएच-58 पर आवागमन करेंगी और बरेली-लखनऊ रूट की बसें विजयनगर बाईपास होकर एनएच-24 से।
रोडवेज बसें पुराने बस अड्डे पर नहीं आएंगी, बाकी हैवी व्हीकल के साथ शहर के बाहर से निकलेंगी। 15-16 दिसंबर से इसे लागू करने की प्लानिंग है।
बृहस्पतिवार को पुलिस ऑफिस में हुई ट्रैफिक पुलिस और परिवहन अफसरों की बैठक में इस पर सहमति बन गई है। डीटीसी की बसों के लिए आप्शनल रूट तलाशा जाएगा, जिसके लिए शुक्रवार को दिल्ली और यूपी परिवहन निगम के अफसर बैठक और रूट का सर्वे करेंगे।
अभी तक लखनऊ-हरिद्वार रूट की प्रमुख बसें मोहननगर-मेरठ तिराहे से होकर पुराने बस अड्डे से होकर जाती थीं। एसपी ट्रैफिक अमर सिंह ने बताया कि इस संबंध में डीएम के माध्यम से परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रूट डायवर्जन केबाद मोहननगर पर बसें और हैवी व्हीकल चलने पर यातायात व्यवस्था चौपट हो जाती। एआरएम कार्मिक अतुल श्रोत्रिय ने बताया कि पुराने बस अड्डे से होकर जाने वाली बसों का रूट डायवर्ट कर एनएच-24 से ही कर दिया जाएगा।
पुराने बस अड्डे से रोजाना डीटीसी की 45 बसों का संचालन किया जाता है। ये सभी मोहननगर होकर निकलती थीं। अब इन्हें भोपुरा केसामने से निकाला जा सकता है।
लखनऊ-हरिद्वार रूट के यात्रियों को देने होंगे 15 रुपये ज्यादा
बसों की मोहननगर पर नो एंट्री से कौशांबी-आनंद विहार से लखनऊ-हरिद्वार रूट पर सफर करने वालों को करीब 15 रुपये ज्यादा किराया देना होगा। 10-12 किलोमीटर लंबा सफर करना पड़ेगा। गाजियाबाद के बस यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मोहननगर डायवर्जन प्लान: एक हफ्ता और खिसका
मेट्रो निर्माण की वजह से मोहननगर पर लागू होने वाला डायवर्जन प्लान एक हफ्ता और खिसकेगा। पुलिसवालों की कमी की वजह से अब इसे 15-16 दिसंबर के बाद लागू करने की तैयारी है।
इस संबंध में एसपी ट्रैफिक अमर सिंह ने जीडीए वीसी पत्र लिखा है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि मोहननगर पर डायवर्जन प्लान लागू करने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है।
लिहाजा यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए 15 प्वाइंट पर पुलिसवालों की 24 घंटे ड्यूटी लगाने पड़ेगी। लेकिन इतना पुलिस बल ट्रैफिक पुलिस केपास नहीं है। ट्रैफिक पुलिस के पास 200 जवान हैं।
200 पुलिसकर्मी सिविल पुलिस के चाहिए, जिसके लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया है। सिविल पुलिस के एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चुनावी ड्यूटी में जिले के बाहर गए हुए हैं।
ऐसे में फिलहाल 200 पुलिसवाले नहीं मिलेंगे। 13 दिसंबर को प्रधान चुनाव खत्म होने के बाद ही पुलिसवाले उपलब्ध हो सकेंगे। अब प्लान है कि 15-16 दिसंबर केबाद मोहननगर पर डायवर्जन प्लान लागू किया जाए।
बता दें कि पहले डायवर्जन प्लान 20 नवंबर के आसपास करना था। इसके बाद दिसंबर केपहले सप्ताह में करने की घोषणा की गई थी।