शहर के लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चौथी बार नोएडा आना तय हो गया है। बताते हैं कि नोएडा में किसी कार्यक्रम में आने के लिए मोदी तुरंत हामी भर देते हैं। यहां आकर मोदी उद्यमियों व व्यापारियों को संदेश देना चाहते हैं कि सरकार उनके साथ है। इसके अलावा नोएडा से पश्चिमी यूपी को साधने का मौका मिल जाता है।
दरअसल, ठीक चार साल पहले लोकसभा चुनाव के लिए मोदी जगह-जगह जनसभाएं कर रहे थे। एक जनसभा गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद लोकसभा प्रत्याशी के लिए गाजियाबाद में की गई थी। जनसभा में गौतमबुद्धनगर से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रमेश चंद्र तोमर कांग्रेस को तगड़ा झटका देते हुए मोदी के गले मिलकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की किरकिरी हुई थी।
बताते हैं कि यह घटना भाजपा के लिए बेहद लाभकारी रही और केंद्र में बहुमत के साथ पार्टी की सरकार बनी। वहीं, जब भी कोई देश या शहर के लिए कोई बड़ी घोषणा करनी होती थी तो जनसभा का स्थल दिल्ली न चुनकर नोएडा ही चुना जाता रहा है। 31 दिसंबर 2015 व 5 अप्रैल 2016 को मोदी ने सेक्टर-62 में स्टार्टअप व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया।
25 दिसंबर 2017 को मोदी-योगी ने मिलकर नोएडा से दिल्ली के लिए मेट्रो की मजेंटा लाइन का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम योगी आदित्यनाथ के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रहा, क्याकि वह सारे कयास को पीछे छोड़ते हुए मुख्यमंत्री रहते पहली बार नोएडा आए थे। पहले यह कहा जाता रहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा आता है उसकी सत्ता चली जाती है, इस बात की फिक्र योगी ने नहीं की। पीएम ने मंच से ही योगी के इस साहस की तारीफ भी की थी।