इससे पहले भी महालेखाकार की ओर से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई थी। मामले में 2005-06 से वार्षिक लेखा जमा करने सभी प्राधिकरणों को कहा गया था।
राज्य सरकार को तय करना था प्रारूप
सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को राज्य सरकार के सहयोग से तय किए गए प्रारूप में 2005-06 से संशोधित कर वार्षिक लेखा प्रस्तुत करना है। इससे भी काम की प्रगति बेहद धीमी है।