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PM इन नोएडा : विकास के युग में अंधविश्वास के बारे में ऐसा बोल गए मोदी...

Tue, 26 Dec 2017 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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modi in noida - फोटो : लाल सिंह
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लंबे इंतजार के बाद क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मजेंटा लाइन मेट्रो का तोहफा दे दिया। प्रधानमंत्री ने सोमवार दोपहर एक बजे नोएडा के बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से बटन दबाकर मजेंटा लाइन मेट्रो (बाटेनिकल गार्डन से कालकाजी मंदिर) का उद्घाटन किया।
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एमिटी में जनसभा को संबोधित करने से पहले मोदी ने बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर खड़ी मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर संचालन शुरू किया। वहीं, आम लोगों के लिए शाम पांच बजे से मेट्रो का संचालन शुरू हो गया। लोगों में इस रूट की पहली ट्रेन में बैठने का काफी उत्साह दिखा।

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने बिना कुछ बोले बतौर मुख्यमंत्री नोएडा आने का मिथक तोड़ दिया है। इसके लिए उन्होंने योगी की जमकर तारीफ की और उन्हें बधाई दी।
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सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में कानपुर और आगरा में भी मेट्रो का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने लूट मचा रखी थी, जिसके कारण यह क्षेत्र 15 साल से उपेक्षा का शिकार हो रहा था।
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अंधविश्वास को स्वीकार करना गलत

modi in noida - फोटो : लाल सिंह
मोदी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के कपड़ों को देखते हुए लोग इन्हें आधुनिक विचारों का नहीं मानते। लेकिन योगी ने नोएडा आकर अंधविश्वास पर प्रहार किया है। पहले के सीएम मानते थे कि नोएडा आने से उनकी कुर्सी चली जाएगी।

विश्वास महत्वपूर्ण है लेकिन अंधविश्वास को स्वीकार नहीं करना चाहिए। मोदी ने अपना उदाहरण देकर बताया कि जब वह गुजरात के सीएम बने तो लोग कुछ जगहों के नाम गिनाते हुए कहने लगे आप वहां मत जाओ वहां जाना अशुभ है।

लेकिन साल भर के अंदर ही वे उन सब जगह पर हो आए जिन्हें अशुभ मानकर पूर्व के नेता नहीं जाते थे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि एक नेता तो कार पर नींबू और हरी मिर्च टांगकर चलते थे कि कहीं किसी की बुरी नजर न लग जाए। मोदी ने कहा कि अंधविश्वास के फेर में पड़कर पीछे जाने से कोई फायदा नहीं।

15 साल पहले वाजपेयी बने पहले मेट्रो यात्री

modi in noida - फोटो : लाल सिंह
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मेट्रो को सर्वजन हिताय - सर्वजन सुखाय का प्रतीक बताया। मोदी ने कहा कि 15 वर्ष पूर्व 24 दिसंबर 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश में मेट्रो ट्रेन के पहले यात्री बने थे।

तब से अब तक देश में 100 किमी से ज्यादा मेट्रो का विस्तार हो चुका है। 50 से ज्यादा शहरों मेें मेट्रो लाने की तैयारी है। केन्द्र सरकार का लक्ष्य है कि भारत विश्व के पांच सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले देशों की सूची में शामिल हो।

पेट्रो उत्पादों की खपत कम करनी होगी, मेट्रो के सफर को गर्व का विषय बनाएं
उन्होंने मेट्रो को समय की मांग बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ (वर्ष 2022) तक विदेशों से आयातित होने वाले पेट्रोलियम उत्पादों को कम करने का लक्ष्य बनाया है।

मेट्रो इसमें बड़ी मददगार साबित होगी। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वह मेट्रो के सफर को गर्व का विषय बनाएं।
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वाजपेयी और महामना को याद किया

modi in noida - फोटो : लाल सिंह
इस मौकेपर प्रधानमंत्री ने भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। दोनों का जन्म क्रिसमस के दिन ही हुआ था।

80 हजार फ्लैट का वादा
योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2018 तक नोएडा व ग्रेटर नोएडा के निर्माणाधीन  बिल्डर प्रोजेक्ट में 80 हजार फ्लैट देने का वादा किया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट को मंजूरी मिलने से पूरा क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का काम केंद्र सरकार के सहयोग से तेजी से चल रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ.महेश शर्मा ने कहा कि पीएम तीसरी बार नोएडा आए हैं, यह क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात की है। उन्होंने कहा कि 2022 तक भारत निर्माण के लिए पूरा देश पीएम के साथ है। साथ ही उन्होंने योगी सरकार की भी जमकर तारीफ की।

मेरा क्या और मुझे क्या
प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन को समझाने के लिए कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में सरकारी दफ्तर में अगर कोई काम कराने जाता था तो अफसर और कर्मचारी उससे पूछते थे इसमें मेरा क्या? यानी मुझे क्या मिलेगा।

इस पर अगर वह व्यक्ति कोई रुचि नहीं लेता था तो सरकारी कर्मचारी कह देता था, फिर मुझे क्या। उन्होंने कहा कि जब वे पीएम बने तो मीडिया में खबरें आईं कि अब सरकारी दफ्तरों में लोग समय से आने लगे हैं। जबकि खुद उन्हें अफसोस था कि लोग अपनी इतनी भी जिम्मेदारी नहीं समझते। 
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