मोदी सरकार में प्रभावशाली भूमिका में नजर आ रहे प्रिंसिपल सेक्रेटरी गाजियाबाद के निवासी हैं। उनके पास गाजियाबाद ट्रांसपोर्ट अथारिटी का मैनुअल ड्राइविंग लाइसेंस है।
यहां लाइसेंस बनवाने के लिए तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने उनके लिए टाइम लिया था।
अब आरटीओ गाजियाबाद उनको स्मार्ट डीएल का आवेदन भेजकर नया कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का अनुरोध पत्र भेजेंगे। यूपी कैडर के आईएएस अफसर रहे नृपेंद्र मिश्रा ने 2011 में गाजियाबाद में स्थानीय एड्रेस पर ही अपना डीएल बनवाया था।
डीएल की यूपी 14 सीरीज शुरू होने के दौरान ही इनका मैनुअल डीएल जारी किया गया था। तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव संजय अग्रवाल के निर्देश पर डीएमओ ने इनके लिए टाइम अप्वाइंटमेंट मिला था। गाजियाबाद में उनका एड्रेस एक सरकारी आवास का है।
वरिष्ठ एआरटीओ केपी गुप्ता के हस्ताक्षर से जारी इस मैनुअल डीएल को अब कंप्यूटराइज्ड करने की तैयारी की जा रही है। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पास गाजियाबाद का डीएल होना हमारे लिए गर्व की बात है। अब उनको स्मार्ट डीएल बनवाने का अनुरोध पत्र भेजा जाएगा।