कांग्रेस की कुछ नीतियों एवं उसके नेताओं के बड़बोलेपन से तंग जनता ने
नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत के साथ प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठाया।
इसलिए पार्टी चाहती है उसकी टीम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे। इसलिए वह नए
सांसदों को नियम-कायदों का पाठ पढ़ा रही है।
पार्टी सांसदों का मानना
है कि जब आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को उनके कामकाज की ट्रेनिंग दी जाती
है तो फिर ‘सबसे बड़ी जॉब’ पाने वालों को क्यों नहीं। ट्रेनिंग होगी तो वे
बेहतर काम कर पाएंगे। पूरे तंत्र को समझ पाएंगे।
...ताकि विपक्ष को कोई मौका न मिले
फरीदाबाद में ट्रेनिंग ले रहे सांसदों ने कहा कि अगर कोई भी सांसद गलत आचरण करता है, किसी मामले में बेवजह विवाद का शिकार
बनता है तो उसे विपक्ष मुद्दा बनाकर सरकार की छवि खराब कर सकता है।
इसलिए
पार्टी की कोशिश यह है कि पहली बार चुनकर आए सांसदों को इतना परिपक्व बना
दिया जाए कि कोई उंगली न उठा पाए।
केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का कहना
है कि इसलिए प्रधानमंत्री मोदी सांसदों से साफ-साफ कह रहे हैं कि वे अपने
क्षेत्र पर फोकस करें। जनता से मृदु व्यवहार रखें। विवादों से बचें। एजेंडा
तय करें।
अलग छाप छोड़ना है मकसद
इस ट्रेनिंग कैंप का मकसद कुल मिलाकर कोशिश अन्य दलों के सांसदों के मुकाबले अलग छाप छोड़ने की है।
इस ट्रेनिंग ने साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार को स्टिंग ऑपरेशनों से खौफ
है। इसलिए सांसदों को बड़बोलेपन और गलत आचरण करने से बचने का मंत्र दिया
गया है।
बताया जाता है कि सत्र में सोशल मीडिया से जुड़े पहलुओं पर भी
चर्चा की जाएगी। फूलपुर (उत्तर प्रदेश) से भाजपा सांसद केशव प्रसाद
मौर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री मानते हैं संसद सत्र खत्म होने के बाद
सदस्य अपने क्षेत्र में चले जाएं। लोगों के बीच रहें तभी वह लंबी पारी खेल
सकते हैं।
कम से कम सरकार को एक साल काम करने दें उसके बाद विपक्ष सवाल
उठाए। उनका मानना है कि जो नेता अपने भाई-भतीजे को तरजीह दे रहा है वह
सिर्फ परिवार चलाने लायक है।
पीएम नहीं ले पाए ट्रेनिंग
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी भी पहली बार सांसद बने हैं, लेकिन पार्टी ने उनकी ट्रेनिंग नहीं कराई।
उन्होंने सांसदों की क्लास जरूर ली। एक कुशल अध्यापक की तरह हिदायत भी दी
और पुचकारा भी।
हालांकि मोदी ने कहा कि उनकी इच्छा खुद यहां पर दो दिन
रुककर ट्रेनिंग लेने की है, लेकिन प्रधानमंत्री के पास काम बहुत होते हैं
इसलिए वह रुक नहीं पा रहे हैं।