पत्रकारिता जगत के स्तंभ और वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने बीती रात दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांसें लीं। वह 94 वर्ष के थे। नैयर की छवि सेकुलर पत्रकार की रही है। वह संघ-बीजेपी की राजनीतिक विचारधारा के आलोचक रहे हैं। यही कारण है कि जब इसी साल जून में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उनकी खूब प्रशंसा की तो कुलदीप नैयर चकित रह गए।
बता दें कि गत जून में मोदी सरकार ने इमरजेंसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी और कुलदीप नैयर दोनों ने हिस्सा लिया था। यह कार्यक्रम 26 जून को आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इमरजेंसी के खिलाफ खुलकर जंग छेड़ने के लिए कुलदीप नैयर और रामनाथ गोयनका की तारीफ भी की थी।
उस वक्त पीएम मोदी ने कहा था, 'उनके जैसे कई लोग हमारे समर्थक नहीं रहे हैं। नैयर मेरे आलोचक रहे हैं। लेकिन वे लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़े हैं, इसलिए मेरा उनको सलाम है।' इस कार्यक्रम के बाद कुलदीप नैयर से टेलीग्राफ अखबार ने बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने खुलकर स्वीकार किया था कि वे नरेंद्र मोदी के प्रखर आलोचक हैं।