पीएसआरआई के ऑर्थोपेडिक विभाग के चेयरमैन डॉक्टर पीपी कोतवाल ने पोलिकाइजेशन प्रक्रिया के तहत चार घंटे के ऑपरेशन के बाद बच्ची के अंगूठे को दोबारा से बना दिया है। बच्ची हाइडोप्लास्टिक थंब के साथ रेडियल क्लब हैंड नामक बीमारी से पीड़ित थी। यह बीमारी एक लाख नवजातों में से करीब एक को होता है।
डॉक्टर कोतवाल ने बताया, 'बच्ची जैसे-जैसे बड़ी होगी, उसका अंगूठा और उंगलियां भी विकसित होने लगेंगे। सफल ऑपरेशन के बाद उसे अविकसित अंगूठे की बीमारी वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।'
डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची का ऑपरेशन किसी चुनौती से कम नहीं था। उन्होंने बताया, 'ऑपरेशन अगर डेढ़ साल की उम्र तक हो जाता है तो यह पूरी तरह सफल रहता है। वहीं उम्र ज्यादा होने पर नए अंगूठे के साथ तारतम्य बिठाने में दिमाग को बहुत परेशानी होती है।'