नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के संविधान को बदलने की योजना बनाई है। अगर 2019 में इनकी सरकार बनी तो ये संविधान बदल देंगे। हिटलर ने भी ऐसा ही किया था। मोदी-शाह ने भी हिटलर की तरह तैयारी की है। ये जोड़ी दोबारा जनता ने चुनी तो देश नहीं बचेगा।
ये कहना है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। बुधवार रात चांदनी चौक इलाके में एक सभा के दौरान सीएम केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस ने यूपी में सपा-बसपा को बांटने का काम किया है। गठबंधन होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के मन में क्या है? ये वो नहीं जानते। कांग्रेस दूसरी पार्टियों को कमजोर कर रही है। इसलिए दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों पर आप पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ये भी कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी ने देश को हिंदू और मुस्लिम में बांट दिया है। दिल्ली में आप पार्टी की सरकार ने स्कूल और अस्पतालों में काम किया। जहां हिंदू और मुस्लिम सहित सभी धर्मों के लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। सबसे सस्ती बिजली दिल्ली में मिल रही है। कच्ची कॉलोनियों में सीवेज सहित सभी बुनियादी सेवाओं पर काम भी शुरु कर दिया है।
केजरीवाल ने अपने सीने पर हाथ रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री 56 इंच के सीने का हवाला देते हैं तो आज उनकी सरकार ने दिल्ली वालों का सीना 59 इंच का कर दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश को बांटने का काम किया है। 70 वर्षों से पाकिस्तान देश को कमजोर करने में लगा है, लेकिन उसे कामयाबी मोदी सरकार में मिली है। विरोधी पार्टियों पर हमला बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने यहां तक कह दिया कि जो भी देशभक्त है उसका सिर्फ एक ही मकसद होना चाहिए, मोदी-शाह को हराना है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को वोट देना। अपना वोट बंटने मत देना।
एक सर्वे का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के वोट घट रहे हैं। जबकि आप पार्टी के वोट 33 से बढ़कर 43 फीसदी हुए हैं। आजकल आरएसएस और भाजपा कांग्रेस का प्रचार करने में जुटी है। दिल्ली में मोदी को आप (जनता) और झाड़ू ही हरा सकती है।
सभा के दौरान चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा की अनुपस्थिति भी चर्चा का विष बनी। हालांकि लांबा पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उन्हें पार्टी की ओर से इस सभा के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं पार्टी के नेताओं का कहना है कि बुधवार को उनकी मां का निधन होने के कारण सभा में विधायक अलका लांबा उपस्थित नहीं हैं।