पिछले दिनों दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में कथित रूप से स्वाइन फ्लू से हुई शील गोयल की मौत को गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से नकार दिया है।
सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने शील गोयल की मौत मल्टी आर्गेन फेल्योर के चलते होना बताया। इसके लिए उन्होंने गंगाराम अस्पताल की रिपोर्ट को आधार बताया।
दिल्ली में सोमवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गाजियाबाद निवासी महिला शील गोयल की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं हुई है।
शील गोयल को अगर स्वाइन फ्लू होता तो सिर्फ फेफड़े को क्षति होती। गौरतलब है कि मॉडल टाउन ईस्ट की निवासी 52 वर्षीय महिला शील गोयल की कोलंबिया एशिया और लाल पैथलैब की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव माना गया था।
बैठक में यूपी का प्रतिनिधित्व करने वाले सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल और जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि बैठक में दवाओं आदि के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही गाजियाबाद से दो स्वाइन फ्लू मरीजों का दिल्ली में इलाज चल रहा था, जिसमें से नीतू घर आ गई हैं। सीएमओ अजेय अग्रवाल ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद की शील गोयल की मौत का कारण स्वाइन फ्लू नहीं माना गया है।
12 संदिग्ध मरीजों का सैंपल दिल्ली टेस्ट के लिए भेजा गया था जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। जनपद में दवाओं की पूरी खेप भी आ गई है।
शील गोयल के बेटे सरल गोयल का कहना है कि चिकित्सकों ने पहले ही इस मामले में हीलाहवाली बरती थी। उनका कहना था कि स्वास्थ्य विभाग अपनी नाकामी को छिपा रहा है। उन्हें इस रिपोर्ट पर विश्वास नहीं हैं।