कस्बे से दो किलोमीटर दूर बावला आरोही मॉड़ल स्कूल परिसर में छात्राओं के लिए बनने वाला छात्रावास का काम कछुआ गति से चल रहा है। बनने वाले स्कूल भवन भी निर्धारित समय अवधि में नहीं बन पाया है।
जबकि करोड़ो की राशी सरकार ने इस कार्य के लिए जारी की हुई है। बता दे कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत तावडू के गांव बावला में नवनिर्मित आरोही मॉड़ल स्कूल भवन बनना था।
माडॅल स्कूल कार्य के लिए करीबन 1 करोड़ से अधिक राशी स्वीकृत हुई थी। इसके अलावा बनने वाले छात्रावास के लिए भारत सरकार ने लाखों की ग्रान्ट जारी की हुई है।
जानकारी अनुसार वर्ष 2014 तक अनुबंध के तहत स्कूल भवन तैयार कर सौंपा जाना था, लेकिन अभी भी उसका कार्य मुक्कमल नहीं हुआ है। बनने वाला छात्राओं के छात्रावास का कार्य भी कछुआ गति से चल रहा है।
भवन तैयार नहीं होने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कस्बे के राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय के दो संकरे कमरों में पढाया जा रहा है। वहीं निर्माण में विलंब से उन छात्राओं को दिक्कते हो रही है, जो बाहर से पढ़ने के लिए आना चाहती है और छात्रावास में ठहरना चाहती है।
इस बारे में सर्व शिक्षा अभियान के स्टेट प्रजोक्ट डायरेक्टर पंचकूला ने बात करने पर बताया की बावला आरोही मॉडल स्कूल भवन का कार्य अन्तिम चरण में है। आगामी दो महीनें में भवन का कार्य पूरा कर लिया जायेगा। उन्होन्ने बताया प्रदेश में 36 आरोही मॉडल स्कूल बनाये गए है, जिनमे 30 का काम पूरा हो चुका है।
बनने वाले डबल स्टोरी छात्रावास के बारे में उन्होंने बताया की छात्रावास में 100 छात्रा व स्कूल स्टाफ के ठहरने की व्यवस्था होगी। जिसका कार्य भी तेज गति से जारी है।
बावला आरोही मॉडल स्कूल की शिक्षिका व प्रभारी रजनी यादव ने बताया की अभी स्कूल भवन में काफी काम होना बाकी है। भवन में बिजली ,पानी की सुविधा व चारदीवारी का काम बाकी है। जैसे ही कार्य पूरा हो जायेगा वह तावडू से नवनिर्मित भवन में चले जायेगे।
आरोही मॉडल स्कूल बावला का कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। स्कूल भवन के लिए बावला पंचायत ने करीबन साढ़े 6 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी। नवनिर्मित स्कूल भवन बनने से पहले ही खंडर होने लगा है। स्कूल भवन के जगलों के सभी शीशे शरारती तत्वों ने तोड़ दिए है। बनने वाले छात्रावास का लेंटर ही डल पाया है। दिवारों का प्लास्टर व कमरों की फर्श आदि का कार्य होना बाकी है।