- 29 अक्तूबर 2005 को धनतेरस के दिन सरोजिनी नगर बाजार में हुआ था बम धमाका
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। धनतेरस से पहले दिल्ली के बाजारों में जहां खरीदारी की रौनक है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क है। 29 अक्तूबर 2005 को धनतेरस के दिन सरोजिनी नगर बाजार में हुए बम धमाके की याद आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरोजिनी नगर बाजार में डीसीपी अमित गोयल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मॉक ड्रिल आयोजित की।
इसकी अध्यक्षता पुलिस सेवा स्वयंसेवक ओम दत्त शर्मा ने की। अभ्यास में थाना डीसीपी अमित गोयल समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हुए। मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को तत्काल सहायता देने और भीड़ नियंत्रण की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
ओम दत्त शर्मा ने बताया कि 2005 में धनतेरस के दिन ब्लास्ट में 50 लोगों की मौत हुई थी, 20 लोग घायल हुए थे और 8 अब भी लापता हैं। इस घटना से सबक लेते हुए पुलिस हर साल त्योहारों से पहले ऐसे सुरक्षा अभ्यास करती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिवाली और धनतेरस के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने से सुरक्षा खतरों की आशंका रहती है। इसलिए इस बार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। जनता से अपील की गई है कि मॉक ड्रिल या जांच के दौरान अफवाहों से बचें और पुलिस का सहयोग करें।