दवा असली है या नकली इसकी जानकारी अब मोबाइल से भी मिल सकेगी। कई प्रमुख दवा कंपनियां दवाओं के स्ट्रिप पर टोल फ्री मोबाइल नंबर लिख रही हैं।
इस नंबर पर दवा की स्ट्रिप का बैच नंबर और सीरियल नंबर एसएमएस करना होगा। एसएमएस करने पर कंपनी से वापस एक एसएमएस मिलेगा।
इस एसएमएस से पता चलेगा कि दवा असली है। यदि किसी फर्जी कंपनी ने वह दवा बनाई है तो कंपनी की ओर से कोई मैसेज नहीं मिलेगा।
नामी कंपनियों के नाम पर कई बार नकली दवाएं मिलने से लोग तो ठगे जाते हैं, नकली दवाओं से बड़ी कंपनियों को भी नुकसान होता है।
कंपनी की साख पर बट्टा न लगे और लोग अनजाने में गलत दवा न खा लें, इसलिए कंपनियों ने यह नया तरीका ईजाद किया है।
ग्राहक के एसएमएस से मिले फर्जी बैच नंबर और सीरियल नंबर की दवा बाजार से मंगवाकर नामी कंपनियां उसके नकली होने की चेतावनी भी जारी करेेंगी। ल्यूपिन और सिप्ला कंपनी ने ग्राहकों के लिए यह सुविधा शुरू भी कर दी है।