गुड़गांव के भोंडसी जेल में बांग्लादेशी कैदी के पास से मोबाइल मिलने के खुलासे के बाद पुलिस भी सकते में आ गई है। जेल में संभवत: ऐसा पहला मामला आने के बाद जेल प्रबंधन भी कैदियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
जेल प्रबंधन और पुलिस बांग्लादेशी कैदी के कनेक्शन को डिकोड करने में जुटी है। जेल की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल के बाद पुलिस पकड़े गए मोबाइल और सिमकार्ड को खंगालने में जुटी हुई है।
भोंडसी जेल में लगे मोबाइल जैमर के पिछले साल खराब होने के बाद यहां कैदियों के पास मोबाइल मिलने के मामलों लगातार जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। कई दफा कई खूंखार कैदियों के पास से मिले मोबाइल के बाद यहां पूरे गिरोह के चलने की आशंका जताई जा रही है जिसमें कैदी यहीं से अपना नेटवर्क चला रहे है।
इनकी पहचान हिसार नारनौंद निवासी कुलबीर, उत्तम नगर दिल्ली निवासी श्याम, बहादुरगढ़ निवासी योगेश और बांग्लादेशी युवक शौकत अली के रूप में हुई है। एक साथ चार कैदियों के पकड़े जाने के बाद कई और बैरक में भी जांच पड़ताल की लेकिन और मोबाइल फोन नहीं मिला।
जेल में पिछले नौ महीनों से लगातार कैदियों के पास से पकड़े जा रहे मोबाइल को लेकर अमर उजाला ने जेल में मोबाइल पहुंचने के पूरे जरिये को प्रकाशित किया था।
इस संबंध में जेल प्रबंधन के कई सिपाहियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस जांच भी कर रही है। नए मामले के खुलासे के बाद भोंडसी थाना में चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है जिसमें चारों कैदियों को प्रोडक्शन रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।