फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिहाड़ जेल में नहीं चलेगा मोबाइल का खेल, जल्द कसेगा शिकंजा

Tue, 06 Aug 2019 03:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
तिहाड़ जेल
विज्ञापन

तिहाड़ जेल में कैदियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर जल्द ही शिकंजा कसेगा। इृसके लिए नए उपकरणों का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और मेटल डिटेक्टर भी मोबाइल फोन तलाशने में कारगर होंगे। हालांकि नशीले उत्पादों की पहचान के माकूल उपकरण न होने की वजह से चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

विज्ञापन


जेल में औचक निरीक्षण के दौरान मोबाइल फोन, नशीले उत्पादों की बरामदगी होती रही है। जेल प्रशासन के मुस्तैदी के तमाम दावे बेमानी रहे। करीब डेढ़ महीने पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला की सेल से मोबाइल फोन और तंबाकू बरामद हुए थे। पहले किसी अन्य कैदी पर इसके आरोप लगे थे, लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल चौटाला ही कर रहे थे।

जेल में मोबाइल पहुंचाने का तरीका भी अलग है। कई बार चारदीवारी के बाहर से मोबाइल फोन फेंके  जाते हैंतो बार इसके अलग-अलग हिस्सों को ले जाया जाता है। इसके बाद इन्हें जोड़कर प्रयोग किया जाता है। कई बार तो पकड़े जाने कैदी छोटे मोबाइल फोन निगल भी चुके हैं। 
विज्ञापन


करीब दो महीने पहले हुए निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ था कि एक कैदी ने चार छोटे फोन निगल लिए थे। जेल के डीजी संदीप गोयल के मुताबिक, रोज होने वाली जांच के दौरान अक्सर मोबाइल का खुलासा हो जाता है। 

जेल में गांजे को घास, चरस को कूलर के नाम से पुकारा जाता है। अन्य नशीले उत्पादों के लिए भी कोड हैं।  डीजी का कहना है कि नशीले उत्पादों को पहुंचने से रोकने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई भी की जाती है। ऐसे उत्पाद जेल के अंदर पहुंचने से रोकने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी। हालांकि कैदियों के नशीले पदार्थों के पैकेट निगलने की वजह से लगातार मुश्किलें आ रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें