जेसी बोस विश्वविद्यालय में एक कुत्ते को पीटने पर एक सुरक्षा पर्यवेक्षक को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। मामला शुक्रवार 26 अगस्त का है।
विश्वविद्यालय सुरक्षा में तैनात सुरक्षा पर्यवेक्षक ने परिसर में घूम रहे एक कुत्ते को अचानक डंडे से इतना पीटा की उसकी आंख से खून निकलने लगा। पास में बैठे अन्य करीब चार कुत्तों पर भी इस दौरान सुरक्षा कर्मी ने डंडे से चोट पहुंचाई।
मामले की शिकायत विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से की। सोमवार को अनुबंध कर कार्यरत सुरक्षा कर्मी हरिकृष्ण यादव को प्रबंधन ने नौकरी से निकालकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद से ही प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर घटना की खूब निंदा की। साथ ही उचित कार्रवाई न करने के लिए प्रबंधन के लिए भी काफी कमेंट लिखे। छात्रों ने जानवर अधिकार और दुर्व्यवहार की निंदा की। फेसबुक और वाट्सएप पर छात्रों की पोस्ट को बहुत ज्यादा शेयर किया गया।
सोमवार को प्रबंधन ने हरिकृष्ण नाम के सुरक्षा पर्यवेक्षक को नौकरी से निकाल दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्रवाई से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने संस्थान के अंदर ही लाल चौक पर जानवर हित के लिए हरिकृष्ण यादव को दोबारा नौकरी पर रखने या फिर विश्वविद्यालय में उसके प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। मामले में कार्रवाई असंतुष्टि की लिखित निंदा प्रबंधन को दी गई।
1125 विद्यार्थियों ने पेटा से की शिकायत
देश में जानवरों के हित में काम करने वाली संस्था पेटा को भी मामले की शिकायत की गई है। विश्वविद्यालय के 1125 विद्यार्थियों ने मामले में संज्ञान लेने के लिए ऑनलाइन जनहित याचिका दायर की। प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पोस्ट पर घटना की निंदा करते हुए लिखा है किj c विश्वविद्यालय परिसर में कुत्ते आराम से शांत बैठे हुए थे।
सुरक्षा पर्यवेक्षक ने बिना बात अचानक कुत्तों पर भारी से डंडे से वार किया। इस घटना में एक कुत्ते को इतनी चोट लगी कि उसकी आंख से खून निकलने लगा। चोटिल कुत्ते को इलाज के लिए विद्यार्थियों ने ढूंढने का प्रयास किया लेकिन घटना के तुरंत बाद से ही परिसर कुत्ते गायब हैं।
यह अच्छी बात है कि विद्यार्थी पर्यावरण, जानवर हित के लिए जागरूक हैं। सोशल मीडिया पर घटना की निंदा की गई लेकिन विश्वविद्यालय को मामले की लिखित शिकायत सोमवार को दी गई। प्रबंधन ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए अनुबंध पर कार्यरत सुरक्षा पर्यवेक्षक हरिकृष्ण यादव को नौकरी से रिलिव कर दिया है। घटना की वास्तविकता की जानने के लिए प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है।
-
जितेंद्र यादव, प्रवक्ता, जेसी बोस विश्वविद्यालय