डीएलएफ फेज-3 के एस ब्लाक के जिन दो पीजी में मणप्पुरम डकैती मामले के आरोपी रह रहे थे, वहां के लोगों को इसकी भनक तक नहीं है। पुलिस जिन पीजी से आरोपियों को गिरफ्तार करके ले गई है, वहां के लोगों या पीजी संचालक तक को भी इसकी अभी तक खबर नहीं है।
पुलिस की मानें तो आरोपियों को डीएलएफ फेज-3 के एस ब्लाक में 35/1 के कमरा नंबर-8 और पीजी 36/40 के कमरा नंबर-4 से गिरफ्तार किया गया है। 35/1 के मकान मालिक अशोक हैं।
इस कमरे के बाहर ताला लटका हुआ है
बरामद सामान।
- फोटो : अमर उजाला
चौथी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर-8 जय नारायण की आईडी पर लिया गया है, जो कि एमपी के सतना का रहने वाला है। इस कमरे के बाहर ताला लटका हुआ है। मकान मालिक द्वारा दूसरी चाबी से ताला खोलकर इस कमरे को देखा गया तो किचन में रखी एक प्लेट में सब्जी व रोटी रखी हुई थी। वहीं, किचन में बने बेसिन के नजदीक नीचे फर्श पर हरी सब्जियों की एक थैली पड़ी हुई थी। बेड पर तोलिये व कपडे पड़े हुए थे।
अलमारी में कुछ सट्टे से जुड़ी पर्चियां भी रखी हुई मिलीं
बरामद सोना।
- फोटो : अमर उजाला
रैक में लंबा चाकू और घड़ी रखी हुई थी। अलमारी में कुछ सट्टे से जुड़ी पर्चियां भी रखी हुई मिलीं। इस कमरे में तीन युवक रहते थे। उनके कमरे में बीड़ी का ढेर लगा मिला है। इसके अलावा सिगरेट के कई खाली बॉक्स भी पड़े मिले। अलमारी के ऊपर पूजा करने के लिए छोटा सा मंदिर भी है। इसी पीजी में नीचे दुकान चलाने वाले रोहताश ने बताया कि उनकी जानकारी इन लोगों की करतूत नहीं है। रात में वह करीब 12 बजे के बाद ही सोते हैं, कब पुलिस यहां पर आई और इन्हें पकड़ कर ले गई।
युवक के साथ रहती थी एक युवती भी
यह है वह पीजी, जहां आरोपी रहते थे।
- फोटो : अमर उजाला
यह अभी तक उन्हे नहीं पता है। इस पीजी से करीब 100 मीटर की दूरी पर गली में 36/40 प्लाट में दूसरा पीजी है, जिसे सोनू चलाता है। इसकी दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर-4 एक युवती की आईडी पर लिया गया है। उसके साथ एक युवक भी रहता था जो कि अपने को प्रापर्टी के कारोबार से जुड़ा बताता था। इस मकान का केयर टेकर भी युवक व युवती के बारे में कुछ खास नहीं बता पाया।