चुनावों का दौर उस पर से गर्मी का आगाज ऐसे में एमएमजी अस्पताल में दवाओं का बजट खत्म हो गया है। चुनावों के लिए जहां अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था रखनी है, वहीं गर्मियों के लिए भी विशेष इंतजाम करने हैं।
ऐसे में दवाओं का बजट खत्म होने से अस्पताल प्रबंधन को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल की ओर से बजट के लिए शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन बजट आने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
गर्मियों में डायरिया, लू लगना, मलेरिया सहित अन्य बीमारियां तेजी से फैलती हैं। गर्मी में मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए पहले ही दवाओं का इंतजाम कर लिया जाता है।
भारी खपत को देखते हुए ओआरएस का घोल, ड्रिप आदि का एक्सट्रा स्टॉक रखा जाता है। मगर एमएमजी अस्पताल में पिछले दो महीने से दवाओं का बजट नहीं आया है।
अस्पताल में दवा कंपनियों से उधार में दवाएं मंगाई गई हैं। एमएमजी पर दवाओं का खासा बकाया हो गया है। अस्पताल में अब महज 10-15 दिनों की ही दवा का स्टॉक बचा है। अगर समय पर दवाओं का बजट नहीं आया तो मरीजों को भारी परेशानी का सामना पड़ेगा।