चुनाव को लेकर हर तरफ चर्चा जोरों पर है। इस पर हर व्यक्ति और हर समाज की अपनी-अपनी राय है। लोगों का कहना है कि उनका विधायक ऐसा होना चाहिए, जो क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाए। युवाओं के रोजगार से लेकर शिक्षा और शहर में अन्य सुविधाएं दिलाए।
क्षेत्र का विधायक कैसा हो, इस मुद्दे पर मंगलवार को आगाहपुर गांव में लोग चर्चा करते दिखे। ब्रह्म सिंह बैसोया का कहना है कि शहर को पांच साल पहले विधायक मिला था, लेकिन अभी तक विधायक गांवों तक नहीं पहुंच पाया, जबकि असल में विधायक की जरूरत गांवों को है।
गांवों में सभी प्रकार की समस्याएं हैं और विधायक उनकी पहुंच से दूर हैं। ऐसे में गांवों का विकास कैसे होगा। रतन सिंह ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण गांवों में विकास का दावा करता है, लेकिन गांवों में प्रवेश करने पर लगता है कि वह नोएडा का क्षेत्र नहीं है।
प्राधिकरण ने विकास कार्य तो शुरू कराए थे, मगर पूरे नहीं किए गए। उनका विधायक ऐसा होना चाहिए जो गांवों को शहर की तर्ज पर पूरी तरह विकसित करा सकें। विपिन खारी कहते हैं कि गांवों में युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। नोएडा एक औद्योगिक नगरी के रूप में जाना जाता है। इसलिए उनका नया विधायक ऐसा होना चाहिए, जो युवाओं को रोजगार दिला सकें।
सुनील भाटी ने कहा कि गांवों में शिक्षा के लिए अभी भी प्राइमरी स्कूल ही हैं। आम व्यक्ति, किसान और मजदूर अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा पाते हैं। इसलिए उनका विधायक ऐसा हो, जो किसान व मजदूर के बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला और साथ ही फीस में रियायत दिला सके।
प्रमोद भड़ाना कहते हैं कि नोएडा के विधायक केवल सेक्टरों तक सीमित रहते हैं। उन्हें गांव के लोगों से कोई लेना-देना नहीं होता है। चुनाव भर के लिए गांव आते हैं और इसके बाद ग्रामीणों को उनसे मिलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसलिए उनका विधायक ऐसा हो जो नोएडा में रहे और आसानी से आम लोगों से मिल सकें।