अनुशासित पार्टी भाजपा के विधायक विपुल गोयल ने पार्टी के एक दुष्चरित्र नेता को डिजिटल रैली में आम आदमी बना कर सीएम से बात करवाई। विधायक की इस करतूत की पार्टी और विरोधियों में खासी चर्चा है।
हालांकि पार्टी के पदाधिकारी और खुद विधायक घटना से पल्ला झाड़कर बचाव करने में लगे है। जबकि काग्रेंसियों ने इसे पार्टी का असली चेहरा बता कर उनकी नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
मालूम हो कि शनिवार को सेक्टर-17 स्थित मॉडर्न स्कूल के सभागार में विधायक विपुल गोयल ने डिजिटल रैली का आयोजन किया था। विधायक ने दावा किया था कि रैली के दौरान आम लोग अपनी समस्याएं सीधे सीएम के सामने रख सकेंगे और सीएम उसका जवाब देंगे।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। औपचारिकता निभाने के लिए सीएम के भाषण से पहले कुलदीप नाम के व्यक्ति से सीएम की बात कराई गई। यह कुलदीप कोई और नहीं भाजपा का पूर्व पार्षद है जिस पर सेक्टर सात थाने में 24 से ज्यादा केस दर्ज हैं। यही नहीं थाने में सार्वजनिक सूचना के लिए लगाई गई दुष्चरित्र व्यक्तियों की सूची में भी इसका नाम दर्ज है।
तो फिक्स थी कॉल
भाजपा सूत्रों के मुताबिक विधायक विपुल गोयल ने ही कुलदीप तेवतिया को सीएम से बात कराने के लिए चुना था। बेदाग छवि वाले सीएम से पार्टी के दागदार नेता की बात करा विधायक ने सीएम को भी गुमराह किया है। सीएम से बात के दौरान कुलदीप तेवतिया ने समस्या तो कुछ बताई नहीं । फिर भी सीएम साहब ने कहा आपकी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
दर्ज हैं लगभग 25 मामले
सेक्टर-7 थाना रिकॉर्ड के मुताबिक भाजपा के पूर्व पार्षद कुलदीप तेवतिया पर 24 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ज्यादातर मामले लड़ाई-झगड़े जबकि एक मामला हत्या का प्रयास में दर्ज किया गया हैं। इनमें से कई केस उन पर पार्षद रहते नगर निगम अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देने और मारपीट करने के भी हैं। थाने में सार्वजनिक स्थान पर लगाई गई दुष्चरित्र व्यक्तियों की सूची में कुलदीप तेवतिया का नाम दूसरे स्थान पर है।