नई दिल्ली। विश्व आईवीएफ दिवस के मौके पर सातवें इंडिया आईवीएफ समिट एंड अवार्ड्स 2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान आईएचडब्ल्यू काउंसिल ने मिशन फर्टिलिटी 2.1 नाम से राष्ट्रीय अभियान की भी शुरुआत की। मिशन का उद्देश्य हर भारतीय दंपत्ति के लिए फर्टिलिटी से जुड़ा इलाज आसान, सस्ता और सम्मानजनक बनाना है। आईएचडब्ल्यू काउंसिल ने इस मौके पर व्हाइट पेपर बियॉन्ड द बर्डन ऑफ इनफर्टिलिटी इन इंडिया : टुवर्ड्स रिप्रोडक्टिव इक्विटी थ्रू मिशन फर्टिलिटी 2.1 भी जारी किया।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की कुल फर्टिलिटी दर अब 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल से भी नीचे गिर गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में 3.5 करोड़ दंपत्ति बांझपन से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 42 लाख को ही इलाज मिल पाता है। इसी फासले को कम करने के लिए ये अभियान शुरू किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया। आईएसएआर की अध्यक्ष डॉ. सुनीता तंदुलवाडकर ने कहा कि आईवीएफ सिर्फ लैब नहीं बल्कि उन परिवारों की उम्मीद है जो बच्चे का इंतजार कर रहे हैं। संवाद