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जेएनयू के लापता छात्र का पता लगाने में सीबीआई नाकाम, केस बंद करने की मांगी इजाजत

Tue, 04 Sep 2018 05:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नजीब अहमद - फोटो : अमर उजाला
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जेएनयू से दो साल पहले लापता हुए छात्र नजीब अहमद का तमाम प्रयासों के बावजूद पता नहीं चल पाया। नजीब को ढूंढने में नाकाम सीबीआई ने हाईकोर्ट में पेश फाइनल स्टेटस रिपोर्ट में यह तर्क रखा है। सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दायर करने की बात कही है। वहीं, नजीब की मां ने सीबीआई पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। अदालत ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस विनोद गोयल की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई ने नजीब की तलाश से जुड़ी जांच में स्टेटस रिपोर्ट फाइल कर कहा इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। याचिकाकर्ता व नजीब की मां फातिमा नफीस ने उन्हें स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी दिलवाने व दोबारा जांच की मांग की है।

याची के वकील कोलिन गोंजालविस ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में उचित व निष्पक्ष जांच नहीं की है। मामले में संदिग्ध छात्र एबीवीपी से जुड़े हैं। इसलिए सीबीआई अपने आकाओं के इशारे पर उन्हें बचा रही है। यह बात इससे साफ हो जाती है कि अपहरण जैसे मामले में सीबीआई ने संदिग्ध छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ तक नहीं की।

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नजीब अहमद 15 अक्तूबर 2016 को अचानक गायब हो गया था

        
याची के वकील ने बताया कि जांच के दौरान एक प्रोफेसर व कई छात्रों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने नजीब को धमकी मिलने व उससे मारपीट की बात कही थी। इसके बाद संदिग्ध छात्रों से पूछताछ नहीं की गई। इसके अलावा जिस ऑटो से नजीब के जेएनयू से जाने की बात कही जा रही है, उसके चालक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं की गई।        

जेएनयू छात्र नजीब अहमद 15 अक्तूबर 2016 को अचानक गायब हो गया था। इससे एक दिन पहले उसका झगड़ा एबीवीपी से जुड़े छात्रों से हुआ था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी लेकिन उसकी मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मई 2017 में केस की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। 
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